फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Watchmen has owns several luxury cars.

लग्जरी गाड़ियों समेत करोड़ों का मालिक है ये चौकीदार

Fri, 09 Jan 2015 08:20 AM IST
Updated Fri, 09 Jan 2015 08:20 AM IST
विज्ञापन
Watchmen has owns several luxury cars.

यादव सिंह प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि एक और मामले ने नोएडा प्राधिकरण की किरकिरी करा दी। अब प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी पर प्लॉट और फ्लैट दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी का मामला प्रकाश में आया है।

विज्ञापन


आरोप है कि उसने फर्जी आवंटन पत्र थमाकर लोगों से रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने बृहस्पतिवार शाम एसएसपी आवास पर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की है। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


बताया गया है चौकीदार के पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं। नितिन राठी प्राधिकरण के खेल परिषद प्रकोष्ठ में चौकीदार के पद पर 2010 से तैनात है। सेक्टर-71 निवासी शुभांकर बासु ने प्राधिकरण से शिकायत की।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने बताया कि 19 जून 2014 को नितिन ने उसे सेक्टर-72 में प्लॉट संख्या ए-152 का आवंटन पत्र दिया। उसने 452 वर्ग मीटर के इस प्लॉट की कीमत 64 लाख रुपये बताई। शुभांकर ने 6 सितंबर 2014 और 26 फरवरी 2014 को चालान के माध्यम से 25,60,750 रुपये प्राधिकरण के खाते में जमा करा दिया।

नितिन ने 30 लाख रुपये नकद भी ले लिए। इसके बाद आवंटन से जुड़े दस्तावेज शुभांकर के पते पर भेज दिए। इन दस्तावेजों के आधार पर शुभांकर ने रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप पेपर खरीद लिए।

रजिस्ट्री कराने के लिए जब वह काउंटर पर पहुंचा तो रजिस्ट्री कर्मियों ने प्राधिकरण का ट्रांसफर पेपर मांगा, जो कि शुभांकर केपास नहीं था। छानबीन करने पर प्लॉट के फर्जी आवंटन किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद शुभांकर ने नितिन से संपर्क साधा। पहले तो वह इधर-उधर की बात कर घुमाता रहा। बाद में मोबाइल बंद करघर से फरार हो गया।
 
वहीं एक पीड़ित इंदिरापुरम निवासी अमित कुमार ने भी एसएसपी से बृहस्पतिवार को शिकायत की। उसने बताया कि नितिन ने सेक्टर-122 में ईडब्ल्यूएस फ्लैट के आवंटन के नाम पर उससे चार लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके लिए उसने 70 हजार रुपये का चालान प्राधिकरण के खाते में जमा किया है। अमित ने बताया कि नितिन इसी तरह से फर्जी आवंटन देकर 50-60 लोगों से चार से छह लाख रुपये ऐंठ चुका है। बताया गया है कि चौकीदार ने अपने निजीवाहन चालक को भी इसी तरह ठगा।

आवंटन पत्र पर अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर

Watchmen has owns several luxury cars.

फर्जी आवंटन पत्र जारी करते समय कितनी सतर्कता बरती गई, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि शुभांकर को जारी आवंटन से जुड़े पत्रों में डेस्क ऑफिसर, ओएसडी और डीसीईओ तक के फर्जी हस्ताक्षर मौजूद हैं, ताकि किसी को शक न हो सके।

आरोपी ऐसे लेता था झांसे में
प्राधिकरण द्वारा पिछले दो साल में जो भी कैंसिल प्लॉट व लेफ्ट आउट फ्लैट की आवासीय स्कीमें लाई गई हैं। इसमें आवेदन पत्र भरने के दौरान चौकीदार लोगों से संपर्क कर कहता था कि रुपये खर्च करो तो वह आवंटन करा सकता है। ड्रॉ होने पर चौकीदार कहता था कुछ प्लॉट और फ्लैट बचाकर रख लिए गए हैं। साथ ही कुछ ऐसे भी प्लॉट या फ्लैट होते थे जिनका किसी न किसी कारण से आवंटन निरस्त हो जाता था। चौकीदार उन्हीं के फर्जी कागजात थमाकर लोगों से रुपये ले लेता था और प्राधिकरण में भी किस्त के रूप में जमा करा देता था। चूंकि लोगों को आवंटन पत्र मिल गया था और प्राधिकरण में पैसा भी जमा हो रहा था, इसलिए उन्हें खुद के ठगे जाने का शक भी नहीं हुआ।

अनुकंपा पर मिली थी नितिन को नौकरी
प्राधिकरण के मुताबिक नितिन के पिता उदयवीर भी प्राधिकरण में चौकीदार थे। उनकी मौत के बाद 2010 में अनुकंपा के आधार पर नितिन को नौकरी मिल गई। प्राधिकरण में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर उसके किसी एक परिजन को नौकरी देने की व्यवस्था है।

प्राधिकरण ने शुरू की जांच

प्राधिकरण के एसीईओ अखिलेश सिंह ने कहा कि शिकायत मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण के खेल परिषद ने रिपोर्ट बनाकर कार्मिक विभाग को भेज दी है। जानकारी मिली है कि नितिन अक्तूबर माह से चिकित्सीय अवकाश पर है। शुभांकर बासु व अन्य पीड़ितों का बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को कार्यालय बुलाया गया है।

उनका बयान और फोटो की पहचान करवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोप सत्य पाए जाने पर चौकीदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। अगर प्राधिकरण के खाते में पैसा जमा हुआ है तो उसे वापस किया जाएगा।

कहीं मोहरा तो नहीं बन गया चौकीदार

Watchmen has owns several luxury cars.

प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी पर लगे आरोपों पर नजर डालें, तो उसके लिए मात्र चार साल की नौकरी में इतने बड़े पैमाने पर जालसाजी करना आसान नहीं है। यह सवाल भी उठने लगा है कि नितिन कहीं इस मामले में सिर्फ मोहरा तो नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से प्राधिकरण का लेटरपैड बनाकर जाली दस्तावेज तैयार किए गए, उससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कुछ और लोगों का हाथ हो सकता है।

बताया गया है कि नितिन राठी मुजफ्फर नगर का रहने वाला है। उसके कुछ सगे संबंधी नोएडा से जुडे़ हैं। कौन सा प्लॉट या फ्लैट खाली है और उसका आवंटन किया जाना है, इसकी जानकारी खुद चौकीदार नहीं जुटा सकता। किसी न किसी ने उसे इस बारे में ठोस जानकारी जरूर दी। चौकीदार मेडिकल लीव पर चल रहा है। वह कहां है, इस बारे प्राधिकरण पता लगा रहा है।

ग्रेनो में भी हुआ था घपला

पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा में भी प्लॉटों की योजना लॉन्च की गई थी। ड्रॉ होने के बाद दो प्लॉट लखनऊ के दो लोगों को आवंटित किए गए थे, जबकि उनका नाम ड्रॉ में नहीं निकला था। इस दौरान वे रुपये जमा करते रहे। प्राधिकरण भी उनसे रुपये लेता रहा, लेकिन जब रजिस्ट्री की बात आई तो पता चला कि आवंटन पत्र फर्जी है।

जांच के बाद प्राधिकरण के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया था। खास बात यह थी कि जिस अधिकारी के नाम से आवंटन पत्र दिया गया था, उसके भी किसी ने फर्जी हस्ताक्षर किए थे। हालांकि यह घपल किसने किया था, अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed