वार्ड ब्यॉय ने किया इलाज, 14 साल के बच्चे की मौत
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नोएडा सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में डेंगू से एक बच्चे की मौत हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया।
जानकारी के मुताबिक चोटपुर निवासी दीपक (14) को रविवार रात करीब 10:30 बजे परिजन ईएसआई अस्पताल लेकर आए थे। सोमवार सुबह करीब 11 बजे बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि बच्चे को डॉक्टर ने नहीं देखा, बल्कि वार्ड ब्वाय ने इलाज किया। परिजनों ने हंगामा किया। हालांकि बाद में शव लेकर चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू में हैम्रेजिक फीवर और शॉक सिंड्रोम में जान जाती है।
इलाज किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका
अस्पताल की चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा का कहना है कि बच्चे को डेंगू था। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर आए थे। उसका इलाज किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
डेंगू हैम्रेजिक फीवर में रोगी में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं और दिल केआसपास, पेट और फेफड़ों आदि में पानी भरने लगता है। मरीज का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। मरीज शॉक में चला जाता है, जिसे डेंगू शॉक सिंड्रोम कहते हैं, जिसमें मरीज की मौत हो जाती है।
कैलाश अस्पताल के फिजीशियन डॉ. एके शुक्ल बताते हैं कि इन दिनों डेंगू शॉक सिंड्रोम के रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि समय पर पहुंचने के कारण उन्हें बचा लिया जा रहा है। देर से पहुंचने पर रोगी की मौत हो सकती है।