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गुरुग्राम: अरावली के जलस्रोतों की क्षमता दोगुनी कर बनाया जाएगा वॉक-वे, वन विभाग ने शुरू किया सर्वे
Sun, 22 Nov 2020 09:08 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 22 Nov 2020 09:08 AM IST
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अरावली रेंज
- फोटो : अमर उजाला
अरावली से वन्य जीवों को बाहर निकलने से रोकने व लोगों को स्वच्छ वातावरण में सैर करने के लिए स्थान उपलब्ध कराने को वन विभाग ने योजना तैयार की है। अरावली क्षेत्र के सभी जलस्रोतों की क्षमता दो से तीन गुना बढ़ा कर वॉक-वे बनाया जाएगा।
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इन जलस्रोतों की पहचान करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक सर्वे के दौरान रोजका गुर्जर में सर्वाधिक 19 तालाब वन विभाग को मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, योजना को अभी से ही अमलीजामा पहनाने के लिए कार्य शुरू किया जाएगा ताकि ग्रीष्मकाल आने से पहले ही कार्य को पूरा कर तालाब में पानी भरा जा सके।
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इसके बाद मॉनसून में बरसात से यह पूरी तरह से लबालब हो जाएंगे। सर्वे के दौरान 100 से अधिक तालाबों का पता लगाया गया है। सोहना क्षेत्र के रोजका गुर्जर में विभाग को सर्वाधिक 19 तालाब मिले हैं। इन तालाबों के आसपास कई मंदिर हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक, रोजका गुर्जर में कई गांवों की पंचायती भूमि है। कभी यहां गुर्जर जाति के लोग निवास करते थे, लेकिन समय के साथ-साथ वह आसपास के गांवों में जाकर बस गए। अब यहां कोई भी नहीं रहता।
पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण अक्सर यहां वन्य जीवन आते रहते हैं। मंदिर में सुबह के कुछ लोग पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। इसके बाद यह पूरा क्षेत्र वीरान पड़ा रहता है। ऐसे में ज्यादातर वन्य जीवों ने यहां पर अपना डेरा डाला हुआ है।
मंडल वन अधिकारी जय कुमार ने बताया कि पानी की तलाश में कई बार वन्य जीव जंगल से बाहर निकल रिहायशी क्षेत्र में आ जाते हैं, जिसके कारण अप्रिय घटनाएं भी होती हैं। इसे देखते हुए ही जंगल में जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
क्षमता बढ़ने से इन जलस्रोतों में अधिक समय तक पानी रुकेगा, जिससे वन्य जीवों के साथ-साथ पौधों को भी फायदा मिलेगा। इन जलस्रोतों के आसपास वॉक-वे बनाने से लोगों को सैर करने के लिए भी अलग स्थान मिल जाएगा। लोग यहां प्रकृति का आनंद लेने के साथ ही वन्य जीवों का भी दीदार कर सकेंगे।