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ईवीएम पर दबाया बटन, वीवीपैट ने दूर की शंका
Fri, 12 Apr 2019 04:43 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Apr 2019 04:43 AM IST
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ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को गौतम बुद्ध नगर सीट पर भी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, इस बार की चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने वीवीपैट मशीनों के इस्तेमाल की पहल की है। पहली बार मतदाताओं ने वोट डालने के बाद वीवीपैट मशीन से अपनी शंका दूर की। दरअसल, बीते कई वर्षों से राजनीतिक दलों के नेताओं ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। कई नेताओं ने अपने भाषणों में हार का ठीकरा भी इन्हीं मशीनों पर फोड़ा था।
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इन्हीं आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की पहल की है। नोएडा में मतदान केंद्रों से बाहर निकलने वाले मतदाताओं ने बताया कि यह अच्छी पहल है। इससे लोगों के मन की शंकाएं दूर होंगी। साथ साथ राजनीतिक दलों के नेताओं को अपनी हार के नए कारण ढूंढने पड़ेंगे। अब वह हार का ठीकरा ईवीएम पर नहीं फोड़ पाएंगे। सेक्टर-12 निवासी महिला ने बताया कि ईवीएम पर बटन दबाकर मनपसंद प्रत्याशी को वोट दिया। फिर वीवीपैट पर जिसे वोट दिया उस पार्टी का चिह्न और नाम देखा। यह देखकर संतुष्टि हुई। हालांकि, वीवीपैट से पर्ची नहीं निकली। केंद्र पर मौजूद अधिकारी से पूछने पर उन्होंने बताया कि स्क्रीन पर लोगों को दिखाया जा रहा है। किसी के आरोप लगाने पर पर्ची निकाली जाएगी।
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क्या है वीवीपैट मशीन
वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीन स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली है। जिसकी मदद से मतदाताओं को अनुमति दी जाती है कि वह देख सके कि उनका वोट सही ढंग से डाला गया है। साथ ही इससे किसी धांधली या खराबी का पता भी चल सकता है। ईवीएम पर बटन दबाने के बाद वोटर मशीन से एक पर्ची निकलती है। जिस पर मतदाता का नाम और चुनाव चिह्न रहता है। पहली बार वीवीपैट का इस्तेमाल 2013 में नागालैंड चुनाव में हुआ था।
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मतदाताओं की राय
देव विद्या पीठ स्कूल में वोट देने पहुंचे टिगरी गांव निवासी विनोद पाठक ने बताया कि वोट देने के बाद वीवीपैट पर क्रॉस चेक करने की व्यवस्था थी। देखकर संतुष्टि मिली कि हमारा वोट सही प्रत्याशी को मिला है। गौड़ सिटी सोसायटी निवासी विकास सिंह गौड़ स्कूल में वोट देने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वीवीपैट से पर्ची नहीं निकली, लेकिन स्क्रीन पर उसी का निशान दिखा जिसे वोट दिया था। चिपियाना खुर्द निवासी आदेश कुमार विशाल इंटरनेशनल स्कूल में बने मतदान केंद्र पर वोट देने पहुंचे थे। उनका कहना था कि पहली बार ऐसा हुआ है। इससे पूरी पारदर्शिता आएगी।