वीवीआईपी चौपर डील केस: ईडी को जेल में मिशेल से पूछताछ की मिली अनुमति
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अदालत ने 36 सौ करोड़ के वीवीआईपी चौपर डील मामले में आरोपी बिचौलिये ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स से तिहाड़ जेल में पूछताछ करने की अनुमति मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दे दी।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद मिशेल ने आरोप लगाया कि सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना उससे दुबई में मिले थे और उसे धमकी दी थी कि अगर उसने इस घोटाले की जांच में एजेंसी के मुताबिक सहयोग नहीं किया, तो भारत की जेल में उसकी जिंदगी नर्क बना देंगे। यह शायक उनकी धमकी का ही असर है कि मुझे जेल में छोटा राजन जैसे खतरनाक डॉन के साथ रखा जा रहा है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने ईडी की अर्जी पर तिहाड़ जेल प्रशासन का जवाब आने के बाद एजेंसी को जेल में मिशेल से पूछताछ करने की अनुमति प्रदान की। जेल प्रशासन ने अपने जवाब में कहा कि मिशेल से पूछताछ में कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए एजेंसी को पूछताछ की अनुमति दी जा सकती है।
अदालत ने मिशेल से 13 व 14 मार्च को सुबह-शाम दो-दो घंटे पूछताछ की अनुमति ईडी को प्रदान की है। पूछताछ से पहले उसका मेडिकल करवाया जाएगा और पूछताछ के दौरान आधे घंटे के लिए उसका वकील भी साथ रहेगा।
दूसरी ओर अदालत मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के मुद्दे पर 14 मार्च को विचार करेगी। मिशेल ने जेल की सीसीटीवी फुटेज मंगाने की मांग की है। इस मुद्दे पर भी 14 मार्च को विचार किया जाएगा।
वीवीआईपी चौपर डील मामले में मिशेल को दुबई से चार दिसंबर, 2018 को प्रत्यर्पित किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर 19 दिसंबर तक पूछताछ की थी। इसके बाद ईडी ने मिशेल को 22 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
अदालत ने मिशेल को अति सुरक्षा वाली सेल में शिफ्ट करने पर संतोषजनक कारण न बताने पर जेल अधिकारियों को फटकार लगाई थी। अदालत ने उसे सेल नंबर-दो से सेल नंबर-एक, तीन या चार में से किसी एक में शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
वीवीआईपी चौपर डील मामले में तीन विदेशी बिचौलियों में मिशेल भी आरोपी है। इस मामले में गीडो हश्के व कार्लो गेरोसा भी आरोपी हैं। इन तीनों आरोपियों पर इस रक्षा सौदे का ठेका दिलाने के लिए कमीशन लेने का आरोप है।