आपको बचाएंगे ये चार उपाय: मौसम में बदलाव के साथ बढ़ा वायरल इंफेक्शन, एडिनो व आरएसवी वायरस पसार रहा है पांव
ज्यादातर मरीज एडिनो व आरएसवी वायरस के संक्रमण से पीड़ित हैं। मौसम में बदलाव के कारण मरीज बुखार, खांसी, गला खराब जैसी शिकायत लेकर आ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मौसम में आए अचानक बदलाव से दिल्ली के अस्पतालों में वायरल इंफेक्शन के 30 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरल सामान्य नहीं है। इसके तेजी से प्रसार के पीछे एडिनो व आरएसवी वायरस है।
इसके कारण मरीजों में गले में दर्द, खराश, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, जुकाम और बुखार की शिकायत देखने को मिल रही है। इससे ग्रसित मरीजों को ठीक होने में 30 दिनों तक का समय लग रहा है। इस वायरल संक्रमण से सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि डॉक्टर भी पीड़ित हो रहे हैं।
डॉक्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) के संस्थापक सदस्य डॉ. मनीष जांगड़ा ने कहा कि उनके सर्कल में करीब 30 फीसदी डॉक्टर इसकी चपेट में हैं। वह खुद पिछले 20 दिनों से बीमार हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन कुमार गुप्ता ने कहा कि इस समय ओपीडी में मरीजों की संख्या 20 फीसदी तक बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज एडिनो व आरएसवी वायरस के संक्रमण से पीड़ित हैं। मौसम में बदलाव के कारण मरीज बुखार, खांसी, गला खराब जैसी शिकायत लेकर आ रहा है।
डॉ. एसके छाबड़ा ने कहा कि अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, सर्दी और खांसी, और ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर फेफड़ों की एलर्जी से पीड़ित होकर आ रहे हैं। लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि 60 साल के ज्यादा उम्र के मरीजों में जांच के बाद स्वाइन फ्लू के केस भी दिख रहे हैं।
- बार-बार अपने हाथ धोएं
- भीड़-भाड़ में पहने मास्क
- बुजुर्ग और बच्चे पर रखें नजर