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जेएनयू बवाल : एएमयू में कैंडल मार्च, जामिया समन्वय समिति ने की एफआईआर दर्ज कराने की मांग

Mon, 06 Jan 2020 03:35 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Mon, 06 Jan 2020 03:35 AM IST
खास बातें

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में रविवार को छात्रों के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। देर शाम नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और छात्रों, हॉस्टल, वाहनों पर लाठियों व पत्थरों से हमला किया। इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आईषी घोष और महिला शिक्षक सुचित्रा सेन को सिर में गंभीर चोट आई है। वहीं करीब 30 से ज्यादा छात्र और शिक्षक भी घायल हुए हैं।

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Violence at JNU campus live updates Amit Shah asked for report from Delhi Police
गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : ANI

लाइव अपडेट

03:28 AM, 06-Jan-2020

एएमयू में छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों मे जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। वही, जामिया समन्वय समिति ने जेएनयू कैंपस में आतंक फैलाने वाले गुंडों की पहचान करने की और उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर लिखी जाने की मांग की है।
 

 
02:29 AM, 06-Jan-2020

दिल्ली पुलिस का कैंपस में फ्लैग मार्च

जेएनयू हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान कैंपस के अंदर 'दिल्ली पुलिस, वापस जाओ' के नारे लगे।
 

 
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02:00 AM, 06-Jan-2020

जेएनयू शिक्षक फेडरेशन ने की घटना की निंदा, कहा- छात्रों को न उकसाएं

जेएनयू टीचर्स फेडरेशन (जेएनयूटीएफ) ने कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा, कुछ हिंसक आंदोलनकारी छात्रों द्वारा बनाए गए भय और क्रूरता के माहौल को लेकर जेएनयूटीएफ बेहद चिंतित है। जेएनयूटीएफ ने आंदोलनकारियों और उनके संरक्षकों से अपील की कि वे हिंसा और आपराधिक गतिविधियों के लिए छात्रों को न उकसाएं। उन्होंने कहा, हम जेएनयू के शांतिपूर्ण वातावरण को बहाल करने के लिए जेएनयू समुदाय से अपील करते हैं, जहां कोई भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी असहमति व्यक्त कर सकता है।
01:37 AM, 06-Jan-2020

घायलों से मिलेगा छात्रों का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली पुलिस के पीआरओ (जनसंपर्क अधिकारी) एमएस रंधावा ने आईटीओ पर पुलिस मुख्यालय में जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ बैठक की। हिंसा में घायल और एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती छात्रों से मिलने के लिए एक छात्र प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी गई है। इस दौरान छात्रों ने मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने और अपराधियों की पहचान करने की मांग की।
 
01:00 AM, 06-Jan-2020

गेटवे ऑफ इंडिया पर जुटे छात्र-छात्राएं

जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के विरोध की आंच मुंबई तक पहुंच गई है। शहर के विभिन्न कॉलेजों के कई छात्र-छात्राएं इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए गेटवे ऑफ इंडिया पर पहुंच गए हैं। वहीं, पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के छात्र भी जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
12:25 AM, 06-Jan-2020

जेएनयू और पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी, एम्स पहुंचे खुर्शीद

एक ओर जहां हिंसा के विरोध में जेएनयू कैंपस के बाहर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है वहीं दूसरी ओर पुलिस मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शनकारी जमा हो गए हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी घायल छात्रों से मिलने के लिए एम्स पहुंचे।
 
 
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11:39 PM, 05-Jan-2020
जेएनयू प्रशासन ने कैंपस में हुई हिंसा की निंदा की

जेएनयू प्रशासन ने विवि में हुई हिंसा की निंदा की है। विवि ने कहा कि प्रशासन कैंपस में हुई किसी भी प्रकार की हिंसा की निंदा करता है। हिंसा में घायल हुए छात्रों को लेकर भी प्रशासन ने खेद व्यक्त किया है। 
11:08 PM, 05-Jan-2020
देर रात मुकदमा दर्ज कराने के लिए आईटीओ किया जाम
 
जेएनयू विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्रित हुए छात्रों ने रविवार देर रात आईटीओ जाम कर दिया। छात्रों की मांग है कि जल्द से जल्द इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में काफी नरम रवैया अपना रही है। हाथों में मोमबत्तियां और होर्डिंग इत्यादि लेकर पुलिस मुख्यालय के बाहर काफी देर तक छात्र प्रदर्शन करते रहे। आईटीओ से नोएडा और पूर्वी दिल्ली जाने वाले मार्ग को छात्रों ने रोक दिया।

हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से छात्रों को ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया जा रहा था और छात्रों से सड़क मार्ग को अवरोध नहीं करने की अपील की जा रही थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जेएनयू में घटना काफी गलत हुई है। इस मामले में तत्काल पुलिस को मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए। हालांकि इस छात्रों के आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। लेफ्ट छात्रों का आरोप है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने हिंसा की है। जबकि एबीवीपी का कहना है कि इस घटना में उनके छात्र सबसे ज्यादा घायल हुए हैं। लेफ्ट के छात्रों ने उन पर लाठी, लोहे की रॉड इत्यादि से हमला किया है।देर रात को प्रदर्शनकारियों के बीच डी राजा पहुंच गए थे। 
 
11:07 PM, 05-Jan-2020
जेएनयू हिंसा की मनोज तिवारी ने की निंदा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जेएनयू हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जनादेश द्वारा ठुकरा दिए गए जनाधार विहीन राजनीतिक दलों और नेताओं की हताशा विश्वविद्यालयों में हिंसा के रूप में सामने आ रही है। 
11:03 PM, 05-Jan-2020
पुलिस ने जेएनयू में किया फ्लैग मार्च

जेएनयू में रविवार देर शाम को हालात नियंत्रण में रहे। दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद जेएनयू में प्रवेश कर लिया। पुलिस ने जेएनयू के अंदर फ्लैग मार्च किया। हॉस्टल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर गए। पुलिस ने देर रात को जेएनयू को अपने कब्जे में ले लिया। जेएनयू के दोनों गेटों पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा। दूसरी तरफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देर रात दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और जेएनयू की स्थिति के बारे में जाना। बताया जा रहा है कि गृहमंत्रालय ने जेएनयू बवाल को लेकर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
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