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गांवों, स्लम और अनधिकृत कॉलोनियों को राहत सीलिंग से मिली तीन साल की राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:39 AM IST
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छतरपुर में हुई सीलिंग
- फोटो : विवेक निगम
लोकसभा में दिल्ली स्पेशल लॉ एक्ट तीन साल तक पास होने के चलते राजधानी के उन क्षेत्रों के परिसरों को सीलिंग एवं तोड़फोड़ से राहत मिल गई है, जो मास्टर प्लान के दायरे से बाहर हैं।
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खासतौर पर गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों, जेजे कॉलोनी और स्लम आदि इलाकों को बड़ी राहत मिली है। यह एक्ट वर्ष 2007 में लाया गया था। इसके बाद से इसकी अवधि बढ़ाई जा रही है।
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लोकसभा में दिल्ली स्पेशल लॉ एक्ट की अवधि 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाई गई है। इस साल एक्ट की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। इसके चलते गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों, जेजे कॉलोनियों और स्लम आदि इलाकों के लोगों की धड़कने तेज हो गई थीं, क्योंकि उनके व्यवसायिक परिसरों पर सीलिंग एवं तोड़फोड़ की तलवार लटक गई थी।
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इतना ही नहीं, भाजपा के नेताओं के पैरों तले की जमीन निकलती जा रही थी, केंद्र सरकार के साथ-साथ तीनों नगर निगम में भी उसकी सरकार है और एक्ट की अवधि नहीं बढ़ाए जाने पर भाजपा शासित नगर निगम को सीलिंग एवं तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम देना पड़ता।
सात फरवरी 2007 को आए मास्टर प्लान-2021 में गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों, जेजे कॉलोनी और स्लम आदि को राहत नहीं मिली थी। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट की निगरानी कमेटी ने इन इलाकों में व्यवसायिक परिसरों को सील करने का फरमान दे दिया था।
इसी बीच केंद्र सरकार एक साल की अवधि के लिए दिल्ली स्पेशल लॉ एक्ट ले आई। इसके बाद वर्ष 2010 तक प्रतिवर्ष एक-एक साल तक एक्ट की अवधि बढ़ाई जाती रही, लेकिन वर्ष 2011 से एक्ट की अवधि एक की बजाय तीन साल तक बढ़ानी आरंभ कर दी गई है।