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झपटमारी के शिकार लोगों ने पूछा- पीएम की भतीजी का पर्स तो ढूंढ लिया, बाकियों का क्या...
Wed, 16 Oct 2019 01:52 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 16 Oct 2019 01:52 AM IST
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खुद को पीएम मोदी की भतीजी बताने वाली महिला दमयंती बेन
- फोटो : अमर उजाला
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जिस दिन पीएम मोदी की भतीजी के साथ झपटमारी हुई उसी दिन दिल्ली के अलग अलग इलाकों में ऐसी ही 18 वारदात हुई थीं। चूंकि इनमें से एक मामला पीएम की भतीजी का था सो दिल्ली की पूरी पुलिस के साथ विशेष दस्ते और जांच एजेंसियों को लगा दिया गया। झपटमार पकड़े गए लेकिन उस दिन अंजाम दी गई 18 वारदात का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है।
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अमर उजाला ने गत शनिवार को हुई वारदात वाले दिन झपटमारी के दर्ज मामलों की पड़ताल की तो पता चला कि अलग-अलग इलाकों में 19 जगह लोगों से झपटमारी हुई थी।
बदमाशों ने नबी करीम, द्वारका साउथ, गाजीपुर, कनॉट प्लेस, नंद नगरी, अशोक विहार, भारत नगर, नरेला इंडस्ट्रियल एरिया, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, नारायणा, जनकपुरी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, वसंतकुंज नॉर्थ, हौजखास, आनंद विहार, साउथ रोहिणी, नॉर्थ रोहिणी, केएन काटजू मार्ग और सिविल लाइंस में 19 लोगों को अपना शिकार बनाया। इन सभी लोगों से या तो मोबाइल, पर्स या सोने की चेन लूटी गई।
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यह तो वह मामले हैं, जिनकी पुलिस ने झपटमारी की एफआईआर दर्ज की है। इनके अलावा भी अनेक मामले या तो पुलिस के संज्ञान में नहीं आते या फिर पुलिस दर्ज ही नहीं करती है।
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आम आदमी की नही कोई सुनवाई
मूलरूप से बिहार के रहने वाले दीपक कुमार के साथ 12 अक्तूबर की रात चेन स्नेचिंग हो गई। वारदात के समय दीपक खाना खाकर पत्नी और मां के साथ टहल रहे थे। उसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। दीपक की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन आज तक पुलिस ने उनसे कोई संपर्क नही किया। 2015 में भी दीपक के साथ झपटमारी हुई थी। उसमें भी आज तक कोई गिरफ्तारी नही हुई। दीपक का कहना है कि राजधानी में आम व्यक्ति की कोई सुनवाई नही होती है।
इलाके में अक्सर होती है वारदात
जनकपुरी निवासी समीर लाल गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में डीजीएम हैं। शनिवार दोपहर वह घर के बाहर फोन पर बात करते हुए निकले तो बदमाश उनका मोबाइल झपट ले गए। फौरन उन्होंने पुलिस को कॉल कर बदमाशों का हुलिया बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। समीर की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन आज तक उनकी सुध नही ली गई। समीर ने अफसोस जताया कि चूंकि वह खास नही तो उनकी सुनवाई नही होगी।
गरीब लोगों की नही सुनवाई
केएन काटजू मार्ग इलाके में शनिवार सुबह मेडिकल छात्र (लैब टेक्नीशियन) हरदीप सिंह के साथ झपटमारी हुई। हरदीप ट्रेनिंग के लिए घर से निकला तो बदमाशों ने उसका मोबाइल झपट लिया। हरदीप ने कहा कि वह वीआईपी नहीं है, इसलिए उसके मामले में कुछ नही होगा। गरीब आदमी की दिल्ली में कोई सुनवाई नही है।
झपटमारी की वारदात
-पिछले नौ माह में 4762 मामले दर्ज
-हर माह झपटमारी के 529 मामले दर्ज
-रोजाना झपटमारी के औसतन 18 मामले
लूटपाट के मामले
-पिछले नौ माह में लूट की 1558 वारदात
-हर माह लूटपाट के 173 मामले
-हर दिन लूटपाट की औसतन आधा दर्जन वारदात
(नोट: सभी आंकड़े एक जनवरी 2019 से 30 सितंबर 2019 के बीच के हैं)
झपटमारी के पिछले सालों के कुछ आंकड़े
वर्ष वारदात
2019 4762
2018 6932
2017 8231
2016 9571
2015 9896
2014 7350
(नोट: वर्ष 2019 के आंकड़े एक जनवरी से 30 सितंबर तक के हैं)
इलाके में अक्सर होती है वारदात
जनकपुरी निवासी समीर लाल गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में डीजीएम हैं। शनिवार दोपहर वह घर के बाहर फोन पर बात करते हुए निकले तो बदमाश उनका मोबाइल झपट ले गए। फौरन उन्होंने पुलिस को कॉल कर बदमाशों का हुलिया बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। समीर की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन आज तक उनकी सुध नही ली गई। समीर ने अफसोस जताया कि चूंकि वह खास नही तो उनकी सुनवाई नही होगी।
गरीब लोगों की नही सुनवाई
केएन काटजू मार्ग इलाके में शनिवार सुबह मेडिकल छात्र (लैब टेक्नीशियन) हरदीप सिंह के साथ झपटमारी हुई। हरदीप ट्रेनिंग के लिए घर से निकला तो बदमाशों ने उसका मोबाइल झपट लिया। हरदीप ने कहा कि वह वीआईपी नहीं है, इसलिए उसके मामले में कुछ नही होगा। गरीब आदमी की दिल्ली में कोई सुनवाई नही है।
झपटमारी की वारदात
-पिछले नौ माह में 4762 मामले दर्ज
-हर माह झपटमारी के 529 मामले दर्ज
-रोजाना झपटमारी के औसतन 18 मामले
लूटपाट के मामले
-पिछले नौ माह में लूट की 1558 वारदात
-हर माह लूटपाट के 173 मामले
-हर दिन लूटपाट की औसतन आधा दर्जन वारदात
(नोट: सभी आंकड़े एक जनवरी 2019 से 30 सितंबर 2019 के बीच के हैं)
झपटमारी के पिछले सालों के कुछ आंकड़े
वर्ष वारदात
2019 4762
2018 6932
2017 8231
2016 9571
2015 9896
2014 7350
(नोट: वर्ष 2019 के आंकड़े एक जनवरी से 30 सितंबर तक के हैं)