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Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले, राम मंदिर निर्माण से 500 साल का दर्द हुआ खत्म
Sat, 03 Feb 2024 07:21 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 03 Feb 2024 07:21 AM IST
सार
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सभागार में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि 22 जनवरी को जब अयोध्या में राम लला का अभिषेक समारोह हुआ तो देश में जश्न का माहौल था। इसमें सबसे खास बात यह थी कि यह सब कानून के दायरे में रहकर किया।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सम्मान स्वरूप भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करते हुए जेएनयू की कुलपति
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह भारत के सभ्यतागत इतिहास का प्रतीक है। इसने देश के 500 सालों के दर्द को समाप्त कर दिया है। उपराष्ट्रपति ने यह बात जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कही।
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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सभागार में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि 22 जनवरी को जब अयोध्या में राम लला का अभिषेक समारोह हुआ तो देश में जश्न का माहौल था। इसमें सबसे खास बात यह थी कि यह सब कानून के दायरे में रहकर किया। उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि वे देश की उपलब्धियों पर गर्व करें। भारत के खिलाफ ‘’राष्ट्र-विरोधी’’ कहानियों या बयानों को ‘निष्प्रभावी और बेसअर’ करना युवाओं की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मैं भी उस समय दुखी हो जाता हूं, जब पढ़े-लिखे देश के बाहर हमारी छवि खराब करते हैं। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठाते रहते हैं।
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धनखड़ ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर भी देश में खुशी मनाई गई थी। उन्होंने छात्रों को भारत द्वारा जी 20 की अध्यक्षता व देश के शीर्ष पांच वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि एक समय में भारत को दुनिया कमजाेर मानती थी, लेकिन अब समय बदल गया है। समारोह में 2023-24 बैच के 800 से अधिक छात्रों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया।
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