MCD ने स्वयंभू संस्था के साथ मिलकर शुरू की पहल: वेंडर घर आकर ले जाएगा प्लास्टिक, बदले में देगा गिफ्ट
सिविक सेंटर में एमसीडी के विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार की उपस्थिति में बुधवार को करोल बाग जोन की उपायुक्त शशांका आला ने इस पहल की जानकारी दी। इसके लिए एक क्यूआर कोड विकसित किया गया है।
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मोबाइल के क्लिक से अब प्लास्टिक की छुट्टी हो जाएगी। वेंडर घर आकर प्लास्टिक ले जाएगा और बदले में उपहार देगा। आसान तरीके से प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करने के लिए दिल्ली नगर निगम ने स्वयंभू संस्था के साथ मिलकर यह पहल की है। करोल बाग जोन में इसकी शुरुआत की गई है। जल्द ही बाकी जोन में इसकी शुरुआत होगी।
सिविक सेंटर में एमसीडी के विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार की उपस्थिति में बुधवार को करोल बाग जोन की उपायुक्त शशांका आला ने इस पहल की जानकारी दी। इसके लिए एक क्यूआर कोड विकसित किया गया है। गूगल कैमरे से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना प्लास्टिक दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सोमवार से क्षेत्र के विभिन्न आरडब्ल्यूए और मार्केट ट्रेडर एसोसिएशन के साथ मिलकर इसका परीक्षण कराया गया, जिसको लेकर उम्मीद से ज्यादा प्लास्टिक जमा हुआ। अकेले झंडेवालान मार्केट से 368 किलोग्राम प्लास्टिक प्राप्त हुआ।
शशांका आला ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक क्यूआर कोड पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। एमसीडी के विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार ने इस पहल को कारगर बताया। उन्होंने इसे सभी 12 जोन में शुरू करने के लिए कहा है।
घर आने से पहले फोन करेगा वेंडर
घर आए वेंडर को दूध, चिप्स के पैकेट, अन्य प्लास्टिक कचरा दिया जा सकता है। वेंडर घर आने से पहले फोन करेगा। सुबह 11 से रात आठ बजे के बीच जब आप घर पर उपलब्ध हों, वह घर आकर कचरा ले जाएगा। स्वयंभू संस्था 75 माइक्रोन तक के प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करती है।
यह मिलेंगे उपहार
दो किलो या उससे ज्यादा मात्रा में प्लास्टिक देने पर उपहार के तौर पर फूलदान, टी-शर्ट या और भी दूसरे तरह के उपहार दिए जाएंगे।
इन तीन स्टेप को अपनाना होगा
स्टेप 1 : मोबाइल पर गूगल कैमरे से क्यूआर कोड को स्कैन करना है। एक लिंक सामने आएगा। उस पर क्लिक करना है।
स्टेप 2 : मोबाइल स्क्रीन पर ‘लेट्स अपसाइकल प्लास्टिक’ का पेज खुल जाएगा, वहां एक प्रश्न पूछा जाएगा कि क्या आप सूखे कचरे को अलग रखने में रुचि रखते हैं? नीचे तीन विकल्प आएंगे। हां, नहीं और कचरा अलग रखने का फायदा क्या है? हां, के विकल्प को चुनते ही स्क्रीन पर अगला पेज खुलेगा।
स्टेप 3 : यहां अपना नाम, फोन नंबर और पता लिखते ही यह जानकारी दी जाएगी कि 48 घंटे में आपका प्लास्टिक कचरा प्राप्त कर लिया जाएगा।
यह अच्छा प्रयास है, बाकी डीसी भी अपने जोन में इसका इस्तेमाल करें। लोगों को जागरूक करने के लिए काम करें, क्योंकि प्लास्टिक के पुनर्चक्रण से ही ईको-सिस्टम मजबूत होगा।
-अश्वनी कुमार, विशेष अधिकारी, दिल्ली नगर निगम