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Delhi: दूसरे राज्यों में पुराने वाहनों को मिल रही नई जिंदगी, स्क्रैप होने से बचाने के लिए पहुंच रहे वाहन मालिक

Fri, 28 Apr 2023 08:23 AM IST
विजय पुंडीर सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 28 Apr 2023 08:23 AM IST
सार

दिल्ली के परिवहन विभाग की सख्ती के बाद पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाने के लिए वाहन मालिक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। सालाना औसतन 70-80 हजार से अधिक वाहनों को स्क्रैप होने से बचाने के लिए दूसरे प्रदेशों में पंजीकृत करवाया जा रहा है। 

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Vehicle owners are turning to other states to get old vehicles registered
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप होने से बचाने के लिए एनओसी लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद दिल्ली में बीते चार साल में 4.36 लाख से अधिक वाहनों का दूसरे राज्यों में पंजीकरण करवाकर सालाना करोड़ों रुपये की बचत की गई। 

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दिल्ली के परिवहन विभाग की सख्ती के बाद पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाने के लिए वाहन मालिक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। सालाना औसतन 70-80 हजार से अधिक वाहनों को स्क्रैप होने से बचाने के लिए दूसरे प्रदेशों में पंजीकृत करवाया जा रहा है। 
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एनजीटी ने 2016 में दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द करने के आदेश दिए थे। इसके बाद राज्यों में मियाद पूरी करने वाले वाहनों पर सख्ती शुरू हुई। पिछले तीन साल से दिल्ली में प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए सख्ती बढ़ाने के बाद विशेष अभियान के तहत पुराने वाहनों को जब्त कर स्क्रैप किया जा रहा है। इससे वाहनों स्क्रैप होने से बचाने के लिए एनओसी लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एनओसी के लिए जरूरी है कि मियाद खत्म होने से पहले ही वाहनों को दूसरे राज्यों में पंजीकृत करवाने के लिए एनओसी हासिल करें। एनओसी मिलने के बाद दूसरे राज्यों के शहरों में पंजीकरण के बाद वाहनों को चलाया जा सकता है। अब तक कुल 436794 एनओसी जारी किए गए हैं।

मियाद पूरी होने से पहले जरूरी है एनओसी 
पुराने वाहनों का दूसरे राज्यों में पंजीकरण के लिए एनओसी जरूरी है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि मियाद खत्म होने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र(एनओसी) लेना जरूरी है। एनओसी लेने के बाद वाहनों का दूसरे राज्यों के कुछ शहरों में पंजीकरण करवाया जा सकता है। इसके तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित दूसरे राज्यों के शहर हैं। 

फिलहाल दिल्ली में 79.72 लाख पंजीकृत वाहन 
दिल्ली में अब तक कुल 1 करोड़, 40 लाख, 75 हजार, 497 वाहन पंजीकृत करवाए गए हैं। हर साल मियाद पूरी होने पर लाखों वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जा रहा है। इसके बाद सड़कों पर उतरने या गलियों में पार्क होने वाले वाहनों को भी जब्त कर उन्हें स्क्रैप करने के लिए भेजा जा रहा है। अब तक करीब 55 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया है, जबकि 79.72 लाख पंजीकृत वाहन अभी भी दिल्ली में हैं। 29 मार्च से परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई की शुरुआत की। 

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