कोरोना से जंग: 11 दिन में ही बच्चों ने बनाया रिकॉर्ड, हर दूसरे बच्चे को मिली पहली खुराक, बेटियां सबसे आगे
12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों में पहली खुराक का टीकाकरण करीब 50 फीसदी लक्ष्य पूरा कर चुका है। राजधानी में अब हर दूसरा बच्चा कोविड-19 की रोकथाम के लिए टीका की पहली खुराक ले चुका है। इनमें लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है।
विस्तार
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राजधानी में टीकाकरण काफी तेजी से चल रहा है। एक ओर व्यस्क आबादी का टीकाकरण अब 92 फीसदी से भी अधिक हो गया है। वहीं 12 से 14 साल के बच्चे काफी तेजी से टीका लेकर खुद का बचाव कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों में पहली खुराक का टीकाकरण करीब 50 फीसदी लक्ष्य पूरा कर चुका है। यानी राजधानी में अब हर दूसरा बच्चा कोविड-19 की रोकथाम के लिए टीका की पहली खुराक ले चुका है। इनमें लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं दिल्ली के 11 में से उत्तर पश्चिम जिला शीर्ष पर है जहां हर दिन बच्चों को सबसे ज्यादा टीका लगाया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों की कुल अनुमानित आबादी छह लाख से अधिक है। इनमें से रविवार शाम तक तीन लाख यानी 50 फीसदी बच्चे पहली खुराक हासिल कर चुके हैं। तीन लाख में से लड़कियों की संख्या 1.65 लाख है। जबकि 1.35 लाख लड़के भी पहली खुराक हासिल कर चुके हैं। इन्हें अब 28 दिन बाद दूसरी खुराक भी दी जाएगी जिसके बाद टीकाकरण पूरा माना जाएगा।
कोविन वेबसाइट का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार के सबसे बड़े केंद्र लोकनायक अस्पताल की वरिष्ठ डॉ. रितु सक्सेना का कहना है कि अब तक कोरोना टीकाकरण को लेकर दिल्ली में पुरुष और महिलाओं के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां 1.81 करोड़ पुरुषों ने टीकाकरण कराया है। वहीं इनकी तुलना में 1.37 करोड़ महिलाओं का टीकाकरण हुआ है। हालांकि 12 से 14 साल के बच्चों में यह अंतर अलग दिखाई दे रहा है। यहां लड़कों से कहीं अधिक लड़कियों में टीका के प्रति विश्वास और उत्साह देखने को मिल रहा है और इसी का परिणाम है कि टीकाकरण में लड़कियों की संख्या अधिक दर्ज की जा रही है।
तीन जिलों के बच्चे सबसे आगे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 26 मार्च को दिल्ली में 45184 बच्चों ने टीका की पहली खुराक हासिल की है। इनमें उत्तर पश्चिम जिला सबसे आगे है। इस जिले में 7197 बच्चों को टीका दिया गया। वहीं दक्षिण पश्चिम और पश्चिम दिल्ली में क्रमश: 5771 और 5274 बच्चों को खुराक दी गई। इनके अलावा बाकी जिलों में यह संख्या पांच हजार से नीचे है। इसी तरह 25 मार्च को उत्तर पश्चिम जिले में ही 6532 बच्चों ने टीका लिया जो पूरी दिल्ली में सबसे अधिक था। इस दिन भी दक्षिण पश्चिम में 5701 और पश्चिमी दिल्ली में 5763 बच्चों का टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों जिलों का उदाहरण देते हुए बाकी से भी टीकाकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
पांच दिन से 40-40 हजार से ज्यादा बच्चे ले रहे टीका
दिल्ली में बीते पांच दिन 40-40 हजार से ज्यादा बच्चे टीका ले रहे हैं। बीते 26 मार्च को दिल्ली में कुल 84250 टीकाकरण हुआ जिनमें 45211 की आयु 12 से 14 साल के बीच थी। वहीं 9923 की आयु 15 से 17 वर्ष के बीच रही। इसी तरह 25 मार्च को 44275, 24 मार्च को 48526, 23 मार्च को 47298, 22 मार्च को 42776 और 21 मार्च को सर्वाधिक 31194 खुराक बच्चों को दी गईं।
अभी तक टीका ही एक मात्र ऐसा उपाय है जिसकी बदौलत कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है। हमने ओमिक्रॉन की लहर में इसका अनुभव भी किया है। हमारे यहां आने वाले मरीजों में उनकी हालत सबसे ज्यादा गंभीर रही, जिन्होंने टीका नहीं लिया था। इसलिए बच्चों का टीकाकरण बहुत जरूरी है। अभिभावकों को इसके लिए आगे आना चाहिए। - डॉ. सुरेश कुमार, निदेशक, लोकनायक अस्पताल