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एक्सप्रेसवे पर सालों से खाली पड़े आईटी प्लॉट

Thu, 04 Jun 2015 08:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 04 Jun 2015 08:43 PM IST
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Vacant IT plot at expressway since years.

शहर में चालीस से अधिक आईटी प्लॉट करीब नौ साल से खाली पड़े हैं। मंदी के चलते इन पर उद्योग नहीं लग पा रहे। अब आवंटी अन्य तरह के उद्योग लगाने की छूट चाह रहे हैं।

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नोएडा प्राधिकरण ने 2006-07 में आईटी प्लॉट का आवंटन किया था। ये नोएडा फेज तीन के सेक्टरों और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित हैं जो 2000 से 4000 वर्ग मीटर के हैं। चालीस से अधिक प्लॉट ऐसे हैं, जिनके आवंटी अब तक उद्योग नहीं लगा सके। इसकी वजह आईटी में मंदी को बता रहे हैं।
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ये आवंटी आईटी के नाम पर स्टांप शुल्क से मिली छूट को भी वापस कर चुके हैं, क्योंकि छूट लेने के बाद पांच साल में उद्योग चालू करना था। अब ये उद्यमी इन प्लॉटों पर अन्य तरह के उद्योग लगाने की मांग कर रहे हैं।
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उद्यमियों का कहना है कि जब प्राधिकरण बड़े प्लॉटों (20 एकड़ से अधिक) पर आवासीय व वाणिज्यक गतिविधि तय एफएआर के अनुसार छूट दे सकता है तो छोटे प्लॉटों को अन्य तरह का उद्योग लगाने की अनुमति भी जरूर मिलनी चाहिए। प्राधिकरण ने 25 मई को बोर्ड बैठक में आईटी के बड़े प्लॉटों पर कई तरह की छूट दी है।

नोएडा एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन मल्हन का कहना है कि ये प्लॉट ऐसे सेक्टरों में स्थित हैं जहां पर अन्य तरह के उद्योग भी लगे हैं। वहां आईटी के उद्योग बहुत कम हैं। ऐसे उद्योगों के बीच अगर आईटी उद्योग लगा तो नुकसान होगा।

अगर अन्य तरह के उद्योग लगाने की अनुमति मिले तो 10,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आईटी प्लॉट की रेट अन्य तरह के उद्योगों के भूखंड से ज्यादा हैं। फिर आवंटी न तो प्राधिकरण से पैसे वापस मांगेंगे और न ही उद्योगों के लिए तय एफएआर से ज्यादा उपयोग किया जाएगा।


इस मसले पर एनईए ने प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल से मुलाकात कर मांग पत्र भी सौंपा है। मल्हन ने एसीईओ के हवाले से बताया कि प्राधिकरण ने शासन को पत्र लिखा है, जिसमें आईटी भूखंड पर अन्य तरह के उद्योग लगाने की अनुमति देने का मुद्दा उठाया गया है। अगर शासन से हरी झंडी मिल गई तो खाली प्लॉटों पर उद्योग लग सकेंगे।

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