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खुलासा: खुद को डॉक्टर बताते थे, 200 रुपये लेकर LNJP अस्पताल में कराते थे ब्लड टेस्ट
बयूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Sep 2017 02:52 PM IST
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दिल्ली सरकार के लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में पैसे लेकर ब्लड टेस्ट कराने के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जबरदस्त सुरक्षा देखने को मिली। ओपीडी में जहां बार बार सुरक्षा गार्ड काउंटरों पर निगरानी करते दिखे।
वहीं, ब्लड लैब और काउंटर के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरों के जरिये आरोपियों की पहचान भी शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तस्वीरें अस्पताल परिसर में जगह जगह चस्पा कर दी जाएंगी। ताकि अस्पताल आने वाले मरीज उनका शिकार न हो सकें।
बता दें कि दिल्ली गेट स्थित एलएनजेपी अस्पताल में एक तरफ मरीजों की लंबी भीड़ की वजह से दो से तीन दिन में ब्लड टेस्ट हो पा रहा है। वहीं, अस्पताल में सक्रिय कुछ लोग 200 से 300 रुपये लेकर लोगों का 20 मिनट में ब्लड टेस्ट करवा रहे हैं। शुक्रवार को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद प्रबंधन हरकत में आ गया।
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कर्मचारियों के कपड़े पहने हैं आरोपी
अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि मरीजों से लंबी चौड़ी डील करने वाले लोग उनकी ड्रेस और परिचय पत्र गले में टांगकर घूमते रहते हैं। ऐसे लोग कुछ समय पहले खुद को डॉक्टर बताते थे। लेकिन अब वे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बनकर मरीजों से डील करते हैं। जिसकी वजह से अस्पताल और कर्मचारी यूनियन का नाम खराब हो रहा है।
पहचान में जुटा प्रबंधन
एक तरफ प्रबंधन दलालों की पहचान में जुट गया है। वहीं, एडहॉक कर्मचारी रमेश ने बताया कि उनके हाथ में फ्रैक्चर है। बृहस्पतिवार को वे ओपीडी में अपना इलाज कराने पहुंचे थे, इस दौरान मोबाइल में कैद की गईं कुछ तस्वीरों में उनका भी चेहरा रिकॉर्ड हो गया। रमेश ने बताया कि उनका भी नाम बदनाम हो रहा है। जबकि वे 14 वर्षों से अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं।
प्रबंधन से करेंगे शिकायत
ऐसे लोग सफेद कपड़े और गले में परिचय कार्ड की नीली डोरी डालकर अस्पताल में घूमते रहते हैं। जिनकी वजह से कर्मचारियों और अस्पताल का नाम बदनाम हो रहा है। इनकी पहचान करने के लिए प्रबंधन को शनिवार को यूनियन पत्र लिख मांग करेगी। - भगत सिंह, अध्यक्ष, कर्मचारी यूनियन
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वहीं, ब्लड लैब और काउंटर के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरों के जरिये आरोपियों की पहचान भी शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तस्वीरें अस्पताल परिसर में जगह जगह चस्पा कर दी जाएंगी। ताकि अस्पताल आने वाले मरीज उनका शिकार न हो सकें।
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बता दें कि दिल्ली गेट स्थित एलएनजेपी अस्पताल में एक तरफ मरीजों की लंबी भीड़ की वजह से दो से तीन दिन में ब्लड टेस्ट हो पा रहा है। वहीं, अस्पताल में सक्रिय कुछ लोग 200 से 300 रुपये लेकर लोगों का 20 मिनट में ब्लड टेस्ट करवा रहे हैं। शुक्रवार को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद प्रबंधन हरकत में आ गया।
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कर्मचारियों के कपड़े पहने हैं आरोपी
अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि मरीजों से लंबी चौड़ी डील करने वाले लोग उनकी ड्रेस और परिचय पत्र गले में टांगकर घूमते रहते हैं। ऐसे लोग कुछ समय पहले खुद को डॉक्टर बताते थे। लेकिन अब वे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बनकर मरीजों से डील करते हैं। जिसकी वजह से अस्पताल और कर्मचारी यूनियन का नाम खराब हो रहा है।
पहचान में जुटा प्रबंधन
एक तरफ प्रबंधन दलालों की पहचान में जुट गया है। वहीं, एडहॉक कर्मचारी रमेश ने बताया कि उनके हाथ में फ्रैक्चर है। बृहस्पतिवार को वे ओपीडी में अपना इलाज कराने पहुंचे थे, इस दौरान मोबाइल में कैद की गईं कुछ तस्वीरों में उनका भी चेहरा रिकॉर्ड हो गया। रमेश ने बताया कि उनका भी नाम बदनाम हो रहा है। जबकि वे 14 वर्षों से अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं।
प्रबंधन से करेंगे शिकायत
ऐसे लोग सफेद कपड़े और गले में परिचय कार्ड की नीली डोरी डालकर अस्पताल में घूमते रहते हैं। जिनकी वजह से कर्मचारियों और अस्पताल का नाम बदनाम हो रहा है। इनकी पहचान करने के लिए प्रबंधन को शनिवार को यूनियन पत्र लिख मांग करेगी। - भगत सिंह, अध्यक्ष, कर्मचारी यूनियन