फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   urdu shayari program in Delhi

उर्दू भाषा शायरी और तहजीब का कराती है समागम, 'शाम-ए-गजल' ने जीता लोगों का दिल

Sun, 02 Sep 2018 07:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 02 Sep 2018 07:39 PM IST
विज्ञापन
urdu shayari program in Delhi
urdu shayari

सप्ताह का अंत, रिमझिम बारिश की फुहार और शाम-ए-गजल। वाह! क्या बात है, कुछ ऐसा ही ख्याल आता है जहन में। शनिवार की शाम, रिमझिम बरसात के बीच, नई दिल्ली स्थित उर्दू घर में सजी थी महफिल ए गजल ‘शाम-ए-गजल’, जहां उपस्थित थे मौसिकी के चाहने वाले श्रोता, गजल प्रेमी और शेरो-शायरी से तस्सवुर रखने वाले दिल्लीवासी और उनके बीच मौजूद थे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त गायक एवम कम्पोजर शकील अहमद। जिन्होंने अपने साथियों संग गजलों का ऐसा रंग घोला, जो उपस्थित श्रोताओं एवम अन्य पर बखूबी चढ़ा और सभी वाह-वाही करते नजर आये।

विज्ञापन

 
कार्यक्रम की शुरूआत शकील अहमद ने दिल्ली के बड़े शायर बहादुर शाह जफर की रचना बात कर लूं से की। उसके बाद उन्होंने ‘दिल ए नादान तुझे हुआ क्या है’ के साथ, एक के बाद एक विभिन्न गजलें प्रस्तुत की जिनमें उनकी एलबम ‘सोच के मोती‘ और ‘देखो तो‘ की गजलें भी शामिल रहीं। 
विज्ञापन


मौके पर गैर सरकारी संगठन साक्षी की अध्यक्ष डॉ. मृदुला टंडन ने कहा कि, शकील अहमद शानदार कलाकार हैं, जिन्होंने हमेशा श्रोताओं को शानदार गायन से रोमांचित किया है। हमने उनके साथ काफी सारे कन्सर्ट किये हैं और यहां मैं बतौर श्रोता एवम् उनकी प्रशंसक मौजूद हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed