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उपहार अग्निकांड: सबूतों से छेड़छाड़ मामले की अपील का निपटारा छह हफ्ते में करने की मांग

Tue, 01 Mar 2022 08:47 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 01 Mar 2022 08:47 PM IST
सार

कोर्ट ने यह भी कहा था कि याचिकाकर्ता पर न्याय के मंदिर को अपवित्र करने का दाग लगा है और इसे शांत करने की जरूरत है। यदि वे अंत में निर्दोष पाए जाते हैं तो इस कलंक को जल्द से जल्द हटाना होगा। 

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Uphaar Cinema Fire Case Demand to dispose of appeal in case of tampering with evidence in six weeks
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उपहार अग्निकांड से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ करने के मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त सुशील अंसल ने सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई चार हफ्ते के बदले छह हफ्ते में करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे जिरह में जल्दीबाजी नहीं होगी। उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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याचिका पर न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा के 2 मार्च को सुनवाई करने की संभावना है। यह अपील निचली अदालत के सत्र न्यायधीश के समक्ष लंबित है। हाईकोर्ट में निचली अदालत को इस अपील को चार हफ्ते में निपटाने का निर्देश दिया था। उसी आदेश में संशोधन की मांग करते हुए सुशील अंसल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने सुशील अंसल और गोपाल अंसल को सुबूतों से छेड़छाड़ के जुर्म में दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। साथ ही उन पर सवा दो-सवा दो करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था। अंसल बंधुओं ने सजा निलंबित करने से इनकार करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने भी 16 फरवरी को उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। उसने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सप्ताह के अंदर अंसल बंधुओं की अपील का निपटारा करने का आदेश दिया था।
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न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि मामला सुबूतों से छेड़छाड़ से जुड़ा है ऐसे में इसका तेजी से निपटान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे न्यायिक प्रणाली में जनता का विश्वास मिटने न पाए। इस अदालत का विचार है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की देरी से लोगों का भरोसा न्यायपालिका जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में कम होगा।
 

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