{"_id":"5e8aceac8ebc3e72c16a930b","slug":"university-boosts-mental-morale-of-students-in-lockdown-period","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में छात्रों का मानसिक मनोबल बढ़ाए विश्वविद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में छात्रों का मानसिक मनोबल बढ़ाए विश्वविद्यालय
Mon, 06 Apr 2020 12:09 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 06 Apr 2020 12:09 PM IST
सार
- - यूजीसी ने सभी 750 विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थान को निर्देश
- - कोविड-19 पर विशेष मेंटल हेल्थ एडवाइजरी का रखना होगा ध्यान
- - सेंट्रल हेल्पलाइन नंबर जारी, हर दिन देनी होगी रिपोर्ट
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉकडाउन अवधि में विश्वविद्यालयों को छात्रों का मानसिक मनोबल बढ़ाना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी 750 विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को रविवार देर रात कोविड-19 पर विशेष मेंटल हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यह एडवाइजरी लॉकडाउन अवधि और उसके बाद भी लागू रहेगी।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से राज्यों और सभी कुलपतियों को एडवाइजरी में लिखा है कि काउंसलिंग के माध्यम से वे छात्रों का मेंटल और इमोशनल ख्याल रखें। सेंट्रल काउंसलिंग टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर 0804611007 भी जारी किया है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को अपना हेल्पलाइन नंबर भी बनाना होगा।
संस्थानों को काउंसलिंग सेंटर बनाकर विशेष काउंसलर के माध्यम से छात्रों का मानसिक मनोबल बढ़ाते हुए उनकी दिक्कतों का समाधान करना होगा। विश्वविद्यालयों को इन समाधान की प्रतिदिन रिपोर्ट बनाकर यूजीसी मॉनेटरिंग पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है। यदि कोई संस्थान इस नियम को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।
विज्ञापन
इसमें लिखा है कि वे अपने सभी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी इमोशनल हेल्थ और कुशलता के लिए सभी तरह के प्रयास करें। विश्वविद्यालयों को स्पेशल कोविड काउंसलिंग सेंटर बनाना होगा। यदि किसी संस्थान में काउंसलर नहीं है तो वे उन्हें तत्काल नियुक्ति करें। फेसबुक,ट्विटर, व्हाटसएप, ईमेल, फोन और डिजिटल माध्यमों से छात्रों से लगातार बात करते रहें, ताकि उनके कोई नकारात्मकता न आए। इसके अलावा वार्डन या सीनियर फैकल्टी की अध्यक्षता में छात्रों के सहायता समूह बनाएं। एडवाइजरी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार वीडियो लिंक भी शेयर किए गए हैं, इसके मायम से छात्र अपनी नकारात्मकता दूर कर सकते हैं।
विज्ञापन
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से राज्यों और सभी कुलपतियों को एडवाइजरी में लिखा है कि काउंसलिंग के माध्यम से वे छात्रों का मेंटल और इमोशनल ख्याल रखें। सेंट्रल काउंसलिंग टोलफ्री हेल्पलाइन नंबर 0804611007 भी जारी किया है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को अपना हेल्पलाइन नंबर भी बनाना होगा।
विज्ञापन
संस्थानों को काउंसलिंग सेंटर बनाकर विशेष काउंसलर के माध्यम से छात्रों का मानसिक मनोबल बढ़ाते हुए उनकी दिक्कतों का समाधान करना होगा। विश्वविद्यालयों को इन समाधान की प्रतिदिन रिपोर्ट बनाकर यूजीसी मॉनेटरिंग पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है। यदि कोई संस्थान इस नियम को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।
विज्ञापन
इसमें लिखा है कि वे अपने सभी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी इमोशनल हेल्थ और कुशलता के लिए सभी तरह के प्रयास करें। विश्वविद्यालयों को स्पेशल कोविड काउंसलिंग सेंटर बनाना होगा। यदि किसी संस्थान में काउंसलर नहीं है तो वे उन्हें तत्काल नियुक्ति करें। फेसबुक,ट्विटर, व्हाटसएप, ईमेल, फोन और डिजिटल माध्यमों से छात्रों से लगातार बात करते रहें, ताकि उनके कोई नकारात्मकता न आए। इसके अलावा वार्डन या सीनियर फैकल्टी की अध्यक्षता में छात्रों के सहायता समूह बनाएं। एडवाइजरी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार वीडियो लिंक भी शेयर किए गए हैं, इसके मायम से छात्र अपनी नकारात्मकता दूर कर सकते हैं।