आपने पढ़ीं स्तब्ध कर देने वाली ये 7 घटनाएं?
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दिल्ली के चिड़ियाघर में बीते 25 सितंबर को जो घटना घटी, उसे देख-सुन-पढ़कर लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली।
यहां एक सफेद बाघ ने बेरहमी से एक युवक को मार डाला। दोपहर करीब डेढ़ बजे 12वीं में पढ़ने वाला मकसूद दोस्तों संग चिड़ियाघर घूमने गया।
लेकिन घूमते-घूमते बाड़ा संख्या आठ में गिर गया, जो सफेद बाघ का बसेरा है। जिसमें पलक झपकते ही बाघ ने उसे दबोच लिया और हमला बोल दिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
सामने लोहे की रॉड रखकर रेप, फिर देश में हड़कंप
यह साल के जाते-जाते दिल्ली के माथे पर एक धब्बा लगा गया। फिर दिल्ली में एक ऐसा रेप कांड हुआ, जिससे पूरे देश में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए गए।
पांच दिसंबर रात की यह घटना सात दिसंबर सुबह सामने आई। इसमें एक अमेरिकी कैब कंपनी उबर के ड्राइवर ने एक युवती से रेप किया।
युवती दोस्तों संग पार्टी करने के बाद घर लौटने के मोबाइल एप के जरिए एक कैब बुक कराई। लेकिन कैब ड्राइवर ने रास्ते में उससे लोहे की रॉड के दम पर रेप किया। इसके बाद सड़क से लेकर संसद हंगामा मचा। फिलहाल आरोपी को तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
मासूम की दर्दनाक चीख से हिल गया देश
इस साल नवंबर माहीने में एक मासूम की दर्दनाक हत्या ने पूरे देश को हिला दिया। इसमें एक दिल्ली के आभूषण व्यापारी के आठ साल के बेटे उत्कर्ष को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।
18 नवंबर को जब उत्कर्ष स्कूल वैन से उतरा, तो उसे एक जान-पहचान के युवक प्रताप सिंह ने रोक लिया। वह उत्कर्ष को किडनैप कर अपने फ्लैट पर ले गया। उसके बाद उत्कर्ष के घरवालों से एक करोड़ की फिरौती मांगी।
उसी दिन रात में प्रताप ने अपने दोस्त को उत्कर्ष के घर भेजा और का माहौल जायजा लिया। मामले के पुलिस में पहुंचने की जानकारी उसने देर रात उत्कर्ष का बेरहमी से गला घोंट दिया और लाश नाले में फेंक दिया।
नाबालिगों का ऐसा चेहरा आज तक किसी ने नहीं देखा था
इस साल वो मिथक भी टूट गया कि बच्चा है ये क्या मर्डर करेगा। इस लोगों ने खुली आंखों से देखा कि कैसे पांच नाबालिगों ने एक शख्स को खौफनाक ढंग से मौत के घाट उतार दिया।
घटना की वीडियो में दिखा कि अचानक बाजार में कुछ लड़कों का ग्रुप सामने आया, देखते ही देखते एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला बोला, धूल में लिपटी सड़क खून से सन गईं और फिजा में चीख-पुकार मच गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों नाबालिग तमंचों से फायरिंग करते हुए फरार हो गए। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनगीर सेंट्रल बाजार में हुई इस घटना में एक 21-वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में हमलावरों को बाल सुधार भेज दिया।
मंत्री का छापा और मुख्यमंत्री सड़क पर
दिल्ली में साल की शुरुआत बड़ी उम्मीदों के साथ हुई थी। तीन दिन पहले ही एक ऐसी सरकार बनी थी, जो राजनीति बदलने का दावा कर रही थी। लेकिन ठीक से एक पखवाड़ा भी नहीं बीता कि सरकार अपने ही कारनामों से घिर गई।
इसमें सबसे बड़ी भूमिका तत्कालीन कानूनमंत्री सोमनाथ भारती के खिड़की एक्सटेंशन केस की रही। वह वेश्यावृत्ति चलाए जाने की आशंका पर कार्यकर्ताओं समेत उस इलाके में पहुंचे। एक अफ्रीकी मूल की महिला का आरोप है कि मंत्री के साथियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। मामला अभी कोर्ट में है।
असल विवाद इस दौरान भारती और इलाके के एसएचओ में हुई तीखी बहस से उपजा। जिससे नाराज होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रेल भवन के सामने धरने पर बैठ गए। दिल्ली में इस स्तर का हाईप्रोफाइल पॉलीटिकल ड्रामा इससे पहले कभी नहीं हुआ।
इस दिन के झटके से अब नहीं उबर पाई दिल्ली
यूं तो यह दिन प्यार के इकरार के लिए जाना जाता है, लेकिन 2014 का यह दिन दिल्ली को ऐसा जोरदार झटका दे गया, जिससे दिल्ली आज तक नहीं उबर पाई। 14 फरवरी, 2014 को 49 दिनों की नई-नवेली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस्तीफा दे दिया।
केजरीवाल ने लोकपाल बिल विधानसभा में पेश न कर पाने के बाद इस्तीफा दिया। फिर पूरे साल खरीदफरोख्त के आरोपों के बीच एक के बाद एक राजनीति को शर्मसार करने वाले मामले सामने आते रहे।
यहां तक कि विधानसभा भंग करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। तब जाकर जाकर फिर से चुनाव की स्थिति बनी। दिल्ली की राजनैतिक इतिहास में इतना शर्मनाक वाकया शायद ही पहले हुआ हो।
इस सड़क हादसे ने रोक दी देश की सांस
इस साल तीन जून को दिल्ली में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने देशभर को दुखी कर दिया। ग्रामीण विकास मंत्री और भाजपा दिग्गज गोपीनाथ मुंडे की कार को वो एक्सिडेंट आज भी लोगों के जेहन में बना हुआ था।
इस सड़क हादसे ने देश से एक जमीन से जुड़ा नेता और भाजपा से उनका महाराष्ट्र का चेहरा छीन लिया। मुंडे तीन जून को दिल्ली स्थित अपने आवास से मुंबई जाने के एयरपोर्ट निकले थे। उसी दौरान मोतीबाग के पास उनकी कार का एक्सिडेंट हो गया।
कार में कुल 3 लोग सवार थे। लेकिन हादसे में मौत बस मुंडे की हुई। बाद में उनकी मौत की कई थ्योरी समझाई गईं। कुछ ने इसे साजिश तो कुछ ने आतंकी हमला बताया।