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अनधिकृत कॉलोनियों का शून्य शुल्क पर नियमितीकरण हो : कांग्रेस
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने मंगलवार को उपराज्यपाल चरनजीत सिंह संधू को ज्ञापन सौंपकर राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का शून्य शुल्क पर नियमितीकरण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्लॉटों को शुल्क लेकर नियमित करने की बात कर रही है, जबकि पूरी कॉलोनियों को बिना किसी शुल्क के नियमित किया जाना चाहिए।डॉ. नरेश कुमार ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में दोबारा शुरू की गई पीएम-उदय योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है। उन्होंने दावा किया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब तक इस योजना के तहत केवल 10 से 20 लोगों ने ही आवेदन किया है। उनके अनुसार यही कारण है कि एमसीडी को भी योजना की शुल्क दरों में कमी की सिफारिश करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों के लिए शुरू की गई पीएम-उदय योजना को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद इसे अप्रैल 2026 में 1,511 कॉलोनियों के लिए फिर से लागू किया गया, लेकिन लोगों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि वर्ष 1977 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जैसा है, वैसा के आधार पर बिना किसी शुल्क के 567 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया था और वर्ष 1993 तक उनका नियमितीकरण पूरा कर लिया गया था।
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नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने मंगलवार को उपराज्यपाल चरनजीत सिंह संधू को ज्ञापन सौंपकर राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का शून्य शुल्क पर नियमितीकरण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्लॉटों को शुल्क लेकर नियमित करने की बात कर रही है, जबकि पूरी कॉलोनियों को बिना किसी शुल्क के नियमित किया जाना चाहिए।डॉ. नरेश कुमार ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में दोबारा शुरू की गई पीएम-उदय योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है। उन्होंने दावा किया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब तक इस योजना के तहत केवल 10 से 20 लोगों ने ही आवेदन किया है। उनके अनुसार यही कारण है कि एमसीडी को भी योजना की शुल्क दरों में कमी की सिफारिश करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों के लिए शुरू की गई पीएम-उदय योजना को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद इसे अप्रैल 2026 में 1,511 कॉलोनियों के लिए फिर से लागू किया गया, लेकिन लोगों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि वर्ष 1977 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जैसा है, वैसा के आधार पर बिना किसी शुल्क के 567 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया था और वर्ष 1993 तक उनका नियमितीकरण पूरा कर लिया गया था।