फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   UGC ordered to upload Vice Chancellor and Registrar name on website

सभी विश्वविद्यालय कुलपति और रजिस्ट्रार का नाम वेबसाइट पर करें अपलोड: यूजीसी

Thu, 21 Feb 2019 12:46 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 21 Feb 2019 12:46 AM IST
विज्ञापन
UGC ordered to upload Vice Chancellor and Registrar name on website
UGC
देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी का नाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को जल्द से जल्द मोबाइल, ईमेल और लैंडलाइन नंबर भेजने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से कुलपतियों को पत्र लिखा गया है। यूजीसी सचिव प्रो. जैन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के अलावा अन्य विभागों के प्रमुख के नाम, ईमेल अपलोड करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


यूजीसी का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़ी जानकारियां नहीं हैं। इससे उनसे संपर्क करना मुश्किल होता है। इसलिए सभी विश्वविद्यालयों को कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी व नोडल अधिकारी (यूजीसी) काम नाम, ईमेल आईडी व लैंडलाइन नंबर वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ यूजीसी को भेजने होंगे। यूजीसी ने जल्द से जल्द सभी जानकारियां ugcuniversity2019@gmail.com ईमेल पर भेजने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैंपस में प्लास्टिक प्रयोग पर लगाए रोक : यूजीसी

विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्लास्टिक बैग और प्लास्टिक से बने उत्पादों का प्रयोग न करने का आदेश दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों से पर्यावरण बचाने में युवाओं को जोड़ने का आग्रह किया है।

यूजीसी ने प्लास्टिक से बने उत्पाद की बजाय लकड़ी या कृषि अपशिष्ट से तैयार उत्पादों का प्रयोग करने को कहा है।  यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से कुलपतियों को पत्र लिखा गया है। प्रो. जैन की ओर से भेजे पत्र में पर्यावरण बचाने के लिए युवाओं को आगे आना का आग्रह किया गया है।

 जलवायु परिवर्तन व वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जबकि पीने के पानी में कमी आ रही है। इसलिए प्लास्टिक से बने उत्पादों का प्रयोग कम करना होगा। छात्रों को लकड़ी के कागज या कृषि अपशिष्ट से तैयार कप, प्लेट आदि के प्रयोग पर जोर दें, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। विश्वविद्यालयों को इस संबंध में अपने नोटिस बोर्ड, क्लास रूम आदि में दिशा-निर्देश चिह्नित करने को भी कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed