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Udaipur Files: उदयपुर फाइल्स फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से निर्णय लेने को कहा

Thu, 10 Jul 2025 08:34 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Thu, 10 Jul 2025 08:34 PM IST
सार

मौलाना अरशद मदनी ने अपनी याचिका में दावा किया कि फिल्म मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है।

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Udaipur Files film release banned immediately Delhi High Court asks Central Government to take decision
‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ - फोटो : एक्स (ट्विटर)

विस्तार

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल तेली की हत्या पर आधारित फिल्म ''उदयपुर फाइल्स'' की रिलीज पर रोक लगा दी। यह आदेश तब तक लागू रहेगा जब तक केंद्र सरकार फिल्म की सामग्री पर अंतिम निर्णय नहीं ले लेती। यह निर्णय जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित तीन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया, जिन्होंने फिल्म पर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध की मांग की थी।

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मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की खंडपीठ ने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की धारा 6 के तहत केंद्र सरकार को अपने संशोधन अधिकारों का उपयोग कर फिल्म की जांच करने का निर्देश दिया। फिल्म की रिलीज शुक्रवार, 11 जुलाई को प्रस्तावित थी। खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार स्वतः संज्ञान लेने या किसी शिकायतकर्ता के आवेदन पर फिल्म के प्रमाणन के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। कोर्ट ने नोट किया कि याचिकाकर्ताओं ने इस कानूनी उपाय का उपयोग नहीं किया था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का उपयोग कर हस्तक्षेप कर सकता है, लेकिन याचिकाकर्ताओं को पहले केंद्र सरकार से संपर्क करना चाहिए।

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कोर्ट ने आदेश दिया, हम याचिकाकर्ता को दो दिनों के भीतर केंद्र सरकार से संपर्क करने की अनुमति देते हैं। यदि याचिकाकर्ता केंद्र सरकार से संपर्क करते हैं, तो वे अंतरिम उपायों के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं। यदि याचिकाकर्ता संशोधन याचिका दायर करते हैं, तो केंद्र सरकार को निर्माता को सुनवाई का अवसर देने के बाद एक सप्ताह के भीतर इसका निर्णय करना होगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि फिल्म के खिलाफ अंतरिम राहत के अनुरोध पर भी विचार किया जाए। तब तक, फिल्म की रिलीज पर रोक रहेगी। खंडपीठ ने कहा, चूंकि हम याचिकाकर्ता को धारा 6 के तहत संशोधन उपाय का उपयोग करने के लिए कह रहे हैं, हम आदेश देते हैं कि फिल्म की रिलीज पर रोक रहेगी।

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सेंसर बोर्ड का दावा आपत्तिजनक हिस्से हटाए
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने बुधवार को कोर्ट को सूचित किया था कि फिल्म के कुछ आपत्तिजनक हिस्सों को हटा दिया गया है। कोर्ट ने निर्माता को फिल्म और उसके ट्रेलर की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, जिसमें याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल और सीबीएफसी के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा मौजूद थे।

याचिकाकर्ताओं की अपील
मौलाना अरशद मदनी ने अपनी याचिका में दावा किया कि फिल्म मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की थी, जिसके जवाब में कोर्ट ने केंद्र सरकार को सामग्री की जांच करने का निर्देश दिया।

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