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नोएडाः टायर किलर ब्रेकर हुआ बेकार, बेखौफ निकल रहे बाइकसवार
Thu, 10 Jan 2019 01:23 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 10 Jan 2019 01:23 AM IST
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टायर किलर ब्रेकर
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-77 में लगाया गया टायर किलर ब्रेकर रांग साइड चलने वालों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। बुधवार को ब्रेकर के ऊपर से बाइक सवार धड़ाधड़ निकलते देखे गए। खास बात यह कि उनके टायर भी पंचर नहीं हुए।
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दरअसल सेक्टर -77 में वाहनों के रांग साइड निकलने की सूचना लगातार मिल रही थी। गलत दिशा से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए सोमवार शाम को सेक्टर-77 के नॉर्थ आई जंक्शन पर शहर में पहली बार टायर किलर ब्रेकर लगाए गए थे। सोमवार शाम को सही दिशा से चलने वाले वाहन चालकों ने भी इसकी खूब शिकायत कीं। शिकायतों में वाहनों के निचले हिस्से के इस ब्रेकर से छू जाने की बात शामिल रही। लगाए जाने के 12 घंटे के बाद मंगलवार सुबह ब्रेकर उखड़ गए थे। बाद शाम तक इसकी मरम्मत कराई गई। यही नहीं ब्रेकर ज्यादा ऊंचे होने की शिकायत के बाद दोनों ओर सड़क को ऊंचा करके तारकोल से स्लोप बना दिया गया। ब्रेकर के दोनों जैसे ही सड़क की ऊंचाई बढ़ी तो टायर किलर एक तरह से निष्प्रभावी हो गए।
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इसका खामियाजा बुधवार को देखने को मिला। यहां से बाइक सवार बेखौफ होकर निकलते देखे गए। इसकी वजह यह रही कि स्लोप बनने की वजह से रांग साइड आने पर भी बाइक का टायर ब्रेकर के ऊपर लगी लोहे की पट्टी और उससे निकले कील में नहीं फंस रहा था। यही नहीं कील से टायर को नुकसान भी नहीं हो रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि यह कील ज्यादा धारदार नहीं है। इस वजह से बाइक के टायर पंचर नहीं हुए। उनका कहना है कि साइकिल, ठेला, रिक्शा आदि आराम से यहां से निकल रहे हैं।
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लोहे के कीलों को पैरों से दबाया और निकल गई बाइक
टायर किलर ब्रेकर में करीब-करीब एक फीट लंबी लोहे की पट्टी लगी हुई है। हर पट्टी में करीब आठ से दस कील स्प्रिंग के माध्यम से जुड़े हुए हैं। अगर एक कील को भी पैरों से दबाया जाए तो सभी दस कील एक साथ नीचे दब जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर बाइक सवार वहां से निकल रहे हैं। बाइक सवार एक पैर से कील को दबाकर और दूसरी तरह बाइक निकाल ले रहे हैं। इतना ही नहीं गलत दिशा से आ रही बाइक को देख कुछ लोग अपने पैर से कील नीचे दबाकर बाइक सवार को वहां से निकलने में मदद करते भी दिखे।
रांग साइड जाने पर कार हुई पंचर
नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-4 के सीनियर मैनेजर पीके गर्ग ने बताया कि यहां से रांग साइड जाते हुए कुछ कारें पंचर भी हुईं। बाइक सवारों के रांग साइड से धड़ल्ले से निकलने की बात पर उन्होंने कार्रवाई की बात कही। इसके अलावा ब्रेकर के टूटने पर उनका कहना है कि यह खुद ब खुद निकला या इसे निकाला गया। इस पर जांच की जा रही है। संभव है कि जिसे यह पसंद न आया हो, उसने इससे छेड़छाड़ करते हुए निकाल दिया।
मुख्य मार्गों पर नहीं लगाए : विशेषज्ञ
जानकार योगेंद्र शर्मा का कहना है कि टायर किलर मुख्य मार्ग पर नहीं लगाए जाने चाहिए। इससे हादसे का भी डर रहता है। भारी वाहन तेज गति से निकलते हैं। अचानक टायर किलर ब्रेकर के पास चालक ने यदि ब्रेक लगा दिए तो टायर किलर जमीन से उखड़ने की संभावना रहती है। इसके लिए जरूरी है कि लोगों को जागरूक किया जाए। इतना ही नहीं निगरानी करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जा सकते हैं, ताकि अगर कोई उल्लंघन करे तो दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण में तालमेल नहीं
टायर किलर लगे हुए तीन दिन बीत चुके हैं। लगता है कि प्राधिकरण ने इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस का सहयोग नहीं लिया है। क्योंकि प्रयोग करने पर यदि वहां पर कम से कम एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात होता तो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान हो जाता।
दो लाख चालान के बाद भी नहीं सुधरे लोग
आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के करीब दो लाख चालान किए गए लेकिन इसके बाद भी लोगों में सुधार नहीं हुआ। ट्रैफिक पुलिस काफी प्रयास कर चुकी है लेकिन कोई सुधरने को तैयार नहीं है। जबकि नोएडा से सटे दिल्ली में लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने की नहीं सोचते हैं।
टायर किलर को बना लिया तमाशा
एक बात और देखी गई कि टायर किलर लगने के बाद लोगों ने इसे तमाशा बना लिया। तीन दिन बीत गए हैं, जैसे ही वहां पर कोई पैदल, साइकिल, दो पहिया-चार पहिया वाहन निकलते हैं तो यह जरूर देखते हैं कि सड़क पर क्या है। रुककर तमाशा देखते हैं कि किस तरह से लोग नियमों का उल्लंघन करके प्राधिकरण के प्रयास को फेल करने में लगे हुए हैं।
यहां लगेंगे
सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन
सेक्टर-61 साईं मंदिर यू-टर्न
होशियारपुर यू-टर्न
सेक्टर-16 ए फ्लाईओवर के नीचे