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चेहरा पहचानने वाली तकनीक से पकड़ी गईं चोरी करने वाली दो महिलाएं
Mon, 16 Mar 2020 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 16 Mar 2020 06:49 AM IST
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आरोपी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बदमाशों को पकड़ने में भी करने लगी हैं। राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने फेस रिकग्निशन तकनीक की मदद से ऐसे चोरी के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं दिल्ली व एनसीआर में खानाबदोश की तरह रहकर चोरी की वारदात को अंजाम देती थीं।
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इन महिलाओं तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे, गूगल मैपिंग, जीपीएस और क्रिमिनल डोजियर सिस्टम का इस्तेमाल किया। पकड़ी गई महिलाएं के निशाने पर शादी समारोह, बैंक और भीड़भाड़ वाले मॉल होते थे। दिल्ली व एनसीआर में वारदात को अंजाम देने के बाद महिलाएं मध्य प्रदेश के राजगढ़ चली जाती थी।
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जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि पकड़ी गई महिलाओं की पहचान राजगढ़ निवासी नरगिस (35) और अंजली (23) के रूप में हुई है। टैगोर गार्डन निवासी गरिमा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। वह कैनरा बैंक से फीस के पांच लाख रुपये निकालकर फोटो स्टेट की एक दुकान गई थी। जहां उसके बैग से किसी ने पांच लाख रुपये चोरी कर ली। गरिमा की शिकायत पर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की।
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दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में दो महिलाएं गरिमा के बैग से रुपये निकालते दिखीं। पुलिस महिलाओं के फोटो को फेस रिकग्निशन से जांच की और उसे क्रिमिनल डोजियर से मिलान किया। जिसकी मदद से पुलिस ने एक महिला की पहचान अंजली के तौर पर की। पुलिस आरोपी महिला तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूरी तक सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और गूगल मैपिंग से जांच की।
इसमें पता चला कि आरोपी महिलाएं मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करती है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में पुलिस ने महिलाओं को एक ऑटो से जाते देखा। पुलिस ने जीपीएस की मदद से ऑटो चालक लोनी निवासी प्रमोद को पकड़ा। उसने बताया कि महिलाएं उसकी ऑटो को पूरे दिन किराए पर रखती है और इसके एवज में उसे दो हजार रुपये देती है। प्रमोद ने बताया कि महिलाएं मानेसर इलाके में रहती है।
पुलिस ने तीन दिनों तक वहां घेराबंदी कर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। महिलाओं ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह राजगढ़ चली जाती है। अंजली सारी नकदी व जेवरात को अपनी मां और गैंग की सरगना गीता बाई को सौंप देती थी। पुलिस गीताबाई की तलाश कर रही है।