इन अनपढ़ों के सामने इंजीनियर फेल: ATM से पैसे उड़ाने का अनोखा तरीका पहली बार दिखा, लोहे की पत्ती से की वारदात
आरोपी संदूक बनाने वाले मेटल की एक इंच मोटी व छह इंच की चौड़ी पत्ती लेते थे। ये पत्ती को एक किनारे से नीचे मोड़ देते थे। जबकि दूसरे किनारे पर पेंसिल के दो टुकड़े लगा देते थे। इसके बाद ये एटीएम मशीन के शटर (जहां से पैसे निकालते हैं) को पेचकस के जरिए फ्री या खराब कर देते थे।
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पलवल, हरियाणा के मामोलका गांव के दो युवक सलमान पुत्र कबीर और सलमान पुत्र उस्मान कहने को तो अनपढ़ है। सलमान पुत्र कबीर तो स्कूल ही नहीं गया, जबकि सलमान पुत्र उस्मान कुछ ही कक्षा तक पढ़ा है। मगर दोनों ने देश के इंजीनियरों को फेल कर दिया। ये संदूक वाली मेटल की छोटी सी पत्ती से एटीएम से आसानी से पैसे उड़ा लेते थे। पुलिस इस पत्ती को छोटी मेटैलिक जैमिंग क्लिप (एटीएम जैमिंग डिवाइस) नाम दिया है। दक्षिण-पश्चिमी जिले की किशनगढ़ थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार किशनगढ़ थानाध्यक्ष अजय कुमार यादव की टीम ने किशनगढ़ थाने के स्टाफ को संदिग्ध व्यक्तियों और अवैध गतिविधियों में शामिल अपराधियों पर कड़ी नजऱ रखने का निर्देश दिया गया था। एसआई कमल चौधरी की टीम ने किशनगढ़ थाने के इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति को 1 जनवरी को घूमते देखा। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने आरोपी सलमान पुत्र कबीर को पकड़ लिया। इसके पास एक देसी कट्टा बरामद हुआ। आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी सलमान पुत्र उस्मान का नाम भी बताया, जिसने उसे अवैध हथियार दिया था। एसआई कमल चौधरी की टीम ने उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी सलमान पुत्र उस्मान को पकड़ा गया। उसके पास से दो कारतूस बरामद किए गए।
एटीएम जैमिंग डिवाइस को ऐसे बनाते थे
आरोपी संदूक बनाने वाले मेटल की एक इंच मोटी व छह इंच की चौड़ी पत्ती लेते थे। ये पत्ती को एक किनारे से नीचे मोड़ देते थे। जबकि दूसरे किनारे पर पेंसिल के दो टुकड़े लगा देते थे। इसके बाद ये एटीएम मशीन के शटर (जहां से पैसे निकालते हैं) को पेचकस के जरिए फ्री या खराब कर देते थे। ये पत्ती को पेंसिल वाले किनारे की तरफ से अंदर डाल देते थे। जब पैसा निकालता था पैसा बाहर निकलने की बजाय इस पत्ती में फंस जाता था।
ऐसे उड़ाते थे पैसे
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि आरोपी एटीएम मशीनों के कैश निकालने वाले शटर में छोटी मेटैलिक जैमिंग क्लिप डालकर एटीएम फ्रॉड करते थे। जब कोई अनजान ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करता था, तो खाते से पैसे कट जाते थे, लेकिन जैमिंग डिवाइस के कारण कैश बाहर नहीं आता था। ग्राहक टेक्निकल समस्या मानकर बैंक से रिफंड मिलने की उम्मीद में वहां से चला जाता था। इसके बाद आरोपी लोग जैमिंग क्लिप हटाकर अंदर फंसा हुआ कैश निकाल लेते थे। कैश लोहे की पत्नी में फंस जाता था। आरोपी वारदात के लिए हथियार साथ लेकर चलते थे।
ऐसे सीखा पत्ती बनाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गांव के कुछ युवकों ने उन्हें पैसे उड़ाने का ये तरीका बताया था। इसके अलावा इन्होंने पत्ती बनाने के लिए इंटरनेट की सहायता ली थी। आरोपी दो से तीन महीने से इस तरीके से एटीएम से पैसे उड़ा रहे थे। ये ज्यादा दिल्ली में वारदात करते थे और उन एटीएम बूथ में करते थे, जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होता था। ये सप्ताह में एक बार वारदात करने दिल्ली आते थे।
इनके पास से देसी कट्टा, दो कारतूस, चार एटीएम जैमिंग डिवाइस, 12,700 रुपये, और अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले टूल्स बरामद किए गए हैं।