{"_id":"5c8449d0bdec22143e2c5177","slug":"two-storey-flat-roof-collapsed-after-cylinder-burst-two-families-drowned-in-ghaziabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिलिंडर फटने से दो मंजिला फ्लैट की छत ध्वस्त, दो परिवार दबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिलिंडर फटने से दो मंजिला फ्लैट की छत ध्वस्त, दो परिवार दबे
Sun, 10 Mar 2019 04:48 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 10 Mar 2019 04:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजयनगर थाना क्षेत्र के लाल क्वार्टर में दो मंजिला फ्लैट में सिलेंडर फटने से छत ध्वस्त हो गई, जिससे दो परिवारों के पांच लोग दब गए और तीन लोग आग में झुलस गए। घायलों को स्थानीय लोगों ने एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत में घायलों को जीटीबी रेफर कर दिया गया। विजयनगर थाना क्षेत्र के लाल क्वार्टर में 35 वर्षीय वाजिद परिवार के साथ रहता है। उसके ऊपर के फ्लैट में योगेश का परिवार रहता है।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह वाजिद छोटा सिलेंडर भरवाकर लाया था। घर में वाजिद के अलावा उसकी पत्नी रजिया, बेटा उवेश, छोटी बेटी महविश घर में थी। बेटी राबिया व नाजिया स्कूल गए हुए थे। जबकि ऊपर के फ्लैट में योगेश की पत्नी सविता थी। उनकी मां दूसरी मंजिल पर कपड़े सुखाने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान बहुत तेज धमका हुआ।
विज्ञापन
पहली मंजिल की छत ध्वस्त होकर नीचे गिर गई। इसमें वाजिद, रजिया, उवेश, महविश आग में झुलस गए और मलबे में दब गए। छत ध्वस्त होने से सविता भी नीचे आ गिरी वह भी दब गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे।
विज्ञापन
पुलिस और फायरबिग्रेड को सूचना दी। घटना के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जीटीबी रेफर कर दिया। बताया गया कि वाजिद, रजिया और सविता की हालत गंभीर है।
आग में लिपटी सड़क की तरफ भागी रजिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि फ्लैट ध्वस्त होने के बाद रजिया के चेहरे और सिर से आग की लपटें निकल रही थीं। वह सड़क की तरफ भाग रही थी। लोगों ने कपड़ा डालकर आग को बुझाया। उसके बाद अन्य लोगों को बाहर निकला, लेकिन जब तक आग बुझती रजिया का काफी चेहरा झुलस चुका था।