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Delhi NCR News: लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े दो शार्पशूटर मुठभेड़ में गिरफ्तार
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- सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए थे, एक नाबालिग भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिला पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बाइक सवार दो शॉर्पशूटरों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा है। पुलिस ने कहा कि दोनों शॉर्पशूटर पर राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के उन साथियों के सीधे संपर्क में थे जो विदेश से काम कर रहे थे। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बंथिया ने बताया कि आरोपियों ने सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात दो अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी की थी। पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग है और दूसरे की पहचान दीपक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उत्तरी दिल्ली में एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद दोनों को पकड़ा गया।
उपायुक्त बांठिया ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए हिरनकी मोड़ पर रोका गया तो आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान आरोपी संगम विहार, लोनी, गाजियाबाद, यूपी निवासी दीपक (19) के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया गया। उस दौरान एक सिपाही को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। पुलिस ने यह भी बताया कि उनके पास से दो पिस्तौल और कारतूस जब्त किए हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ये दोनों जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी रणदीप मलिक सहित विदेश में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार नाबालिग को इस रात हुई गोलीबारी को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये का वादा किया गया था, जिसमें से 50,000 रुपये उसकी मां के बैंक खाते में जमा कर दिए गए थे। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आरोपी हाल में बाहरी दिल्ली स्थित एक जिम में हुई गोलीबारी और पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में एक व्यापारी पर हुए हमले में शामिल थे। जहां जबरन वसूली के लिए दोनों ने गोली चलाई थी।
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सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में आए थे
आरोपी लगभग 2-3 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिये इस गैंग के संपर्क में आए थे। गैंग के कथित मददगार रणदीप मलिक और अनिल पंडित, जो भारत के बाहर से काम कर रहे हैं, पिछले एक महीने से सिग्नल ऐप के ज़रिए दोनों हमलावरों के सीधे संपर्क में थे। कुछ दिन पहले गैंग के मददगारों ने दिल्ली में सक्रिय अपने साथियों के जरिये दोनों लड़कों को अवैध हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराए थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिला पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बाइक सवार दो शॉर्पशूटरों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा है। पुलिस ने कहा कि दोनों शॉर्पशूटर पर राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के उन साथियों के सीधे संपर्क में थे जो विदेश से काम कर रहे थे। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बंथिया ने बताया कि आरोपियों ने सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात दो अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी की थी। पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग है और दूसरे की पहचान दीपक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उत्तरी दिल्ली में एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद दोनों को पकड़ा गया।
उपायुक्त बांठिया ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए हिरनकी मोड़ पर रोका गया तो आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान आरोपी संगम विहार, लोनी, गाजियाबाद, यूपी निवासी दीपक (19) के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया गया। उस दौरान एक सिपाही को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। पुलिस ने यह भी बताया कि उनके पास से दो पिस्तौल और कारतूस जब्त किए हैं।
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पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ये दोनों जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी रणदीप मलिक सहित विदेश में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार नाबालिग को इस रात हुई गोलीबारी को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये का वादा किया गया था, जिसमें से 50,000 रुपये उसकी मां के बैंक खाते में जमा कर दिए गए थे। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आरोपी हाल में बाहरी दिल्ली स्थित एक जिम में हुई गोलीबारी और पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में एक व्यापारी पर हुए हमले में शामिल थे। जहां जबरन वसूली के लिए दोनों ने गोली चलाई थी।
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सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में आए थे
आरोपी लगभग 2-3 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिये इस गैंग के संपर्क में आए थे। गैंग के कथित मददगार रणदीप मलिक और अनिल पंडित, जो भारत के बाहर से काम कर रहे हैं, पिछले एक महीने से सिग्नल ऐप के ज़रिए दोनों हमलावरों के सीधे संपर्क में थे। कुछ दिन पहले गैंग के मददगारों ने दिल्ली में सक्रिय अपने साथियों के जरिये दोनों लड़कों को अवैध हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराए थे।