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ITPO कांप्लेक्स भ्रष्टाचार केसः कोर्ट ने दो सरकारी अधिकारियों को न्यायिक हिरासत पर भेजा

Sat, 30 Dec 2017 10:22 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 30 Dec 2017 10:22 AM IST
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two Public Servants sent to judicial custody till 12 January in itpo complex corruption case
hall of nation

प्रगति मैदान स्थित आईटीपीओ कांप्लेक्स के 2150 करोड़ रुपये की पुनरुद्धार परियोजना में तथाकथित भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए सरकारी अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा और आकाशदीप चौहान को 12 जनवरी तक न्याय‌िक ह‌िरासत में भेज द‌िया है।

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इससे पहले 23 द‌िसंबर को सीबीआई ने इस मामले में एनबीसीसी के सीएमडी अनूप कुमार मित्तल के खिलाफ केस दर्ज किया। साथ ही जांच एजेंसी ने इस मामले में प्रदीप कुमार मिश्रा और आकाशदीप चौहान को गिरफ्तार किया था।

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सूत्रों ने बीते शनिवार(23 द‌िसंबर) को बताया कि सीबीआई ने सरकारी अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा और आकाशदीप चौहान को शुक्रवार(22 द‌िसंबर) की रात गिरफ्तार किया। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने गाजियाबाद, दिल्ली और मुंबई में छापेमारी की।
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उन्होंने बताया कि मित्तल के आवासीय और कार्यालय परिसरों में छापेमारी नहीं की गई है। मिश्रा और चौहान को शनिवार को सीबीआई की एक अदालत ने चार दिन के रिमांड पर भेज दिया।

two Public Servants sent to judicial custody till 12 January in itpo complex corruption case
hall of nation - फोटो : pti

जांच एजेंसी ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि पुनरुद्धार का ठेका शापुरजी पाल्लोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और शापुरजी पाल्लोनजी कतर डब्ल्यूएलएल के संयुक्त उपक्रम को दिया गया था।

2149.93 करोड़ रुपये यह ठेका एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड की ओर से दिया गया था। मुबंई की कापासिट स्ट्रक्चर ने शापुरजी पाल्लोनजी से उप ठेका के तौर पर काम हासिल करने का प्रयास किया था।

सीबीआई एफआईआर के अनुसार 2149.33 करोड़ के उप ठेका सौदे में एक सरकारी अधिकारी ने मध्यस्थता की थी और इसके बदले उसने एक रॉयल एनफील्ड बाइक की मांग की थी। इस तरह से यह सौदा कापासिट स्ट्रक्चर के पक्ष में हो गया।

आरोप के अनुसार कापासिट स्ट्रक्चर के एमडी संजय कुलकर्णी ने उप ठेका हासिल करने के लिए मध्यस्थ ऋषभ अग्रवाल से संपर्क किया था। इसके बाद अग्रवाल ने सरकारी अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा से संपर्क साधा, जो एनबीसीसी के कुछ पदाधिकारियों का करीबी था।

मिश्रा ने अग्रवाल को सौदे कराने का भरोसा दिलाया और बदले में रॉयल एनफील्ड बाइक की मांग की, जिसे कुलकर्णी ने स्वीकार कर लिया। मिश्रा के प्रभाव की वजह से मित्तल ने एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक को स्पष्ट आदेश दिया कि वह मामले को कापासिट स्ट्रक्चर के पक्ष में करें। सीबीआई ने इस मामले में मित्तल, मिश्रा, कुलकर्णी, अग्रवाल और चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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