जीवनसाथी की तलाश में मिला ठग: महिला डॉक्टर की मेट्रीमोनियल साइट पर नाइजीरियन से हुई दोस्ती, ठग ननकी ने डॉ. प्रकाश बन ऐसे छला
दिल्ली में रोहिणी साइबर सेल ने वैवाहिक साइट जीवन साथी डॉट पर एक महिला डॉक्टर से दोस्ती करने के बाद गिफ्ट भेजने के बहाने ठगी के मामले में दो नाइजीरियन को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी है। दोनों गिफ्ट भेजने के बहाने ठगी कर थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नाइजीरियन ठगों ने पहचान छिपाकर महिला डॉक्टर को बनाया निशाना
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाईजीरिया निवासी ननकी इनोसेंट, जबकि महिला की पहचान केन्या मूल की दोराह मवांगेमी मम्बोगा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के साइबर सेल को ऑनलाइन ठगी से जुड़ी शिकायत मिली। जिसमें महिला डॉक्टर किरण जोशी ने बताया कि 28 फरवरी 2022 को उन्होंने वैवाहिक साइट पर अपना पंजीकरण कराया था। दो मार्च को डॉ प्रकाश शर्मा नाम से रिक्वेस्ट मिली। जिसने खुद को मूलत: फरीदाबाद का बताया और कहा कि वह यूनाइटेड किंगडम में ऐंट्री अस्पताल में बतौर प्लास्टिक सर्जन कार्यरत है। ठग विदेशी नंबर से महिला डॉक्टर से व्हाट्सएप पर चैट करने लगा।
ऐसे महिला चिकित्सक हुईं ठगी का शिकार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 12 मार्च को वह सिंगापुर में सेमिनार में शामिल होने आ रहा है जहां से वह 21 मार्च भारत आएगा। उसने बताया कि वह उनके पते पर कुछ सामान कूरियर कर रहा है। उसके बाद महिला डॉक्टर को एक मेल मिला। जिसमें पार्सल के मुंबई एयरपोर्ट पर होने की जानकारी दी गई। उसके बाद महिला डॉक्टर से कई मद में पैसे मांगे गए। ठगों ने महिला डॉक्टर से चार लाख रुपये ठग लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की।
जांच में नोएडा निकला आरोपियों का पता
तकनीकी जांच में आरोपियों का आईपी एड्रेस टावर ए 9 जेपी क्लासिक नोएडा सेक्टर 129 में मिली। पुलिस ने शुक्रवार को वहां दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में ननकी ने बताया कि 2020 में वह इलाज के लिए भारत आया था। वह नाइजीरियाई ग्रुप में रहकर साइबर ठगी करने लगा। वह वैवाहिक साइटों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक पर दोस्त बनाकर ठगी करते थे। वहीं दोराह 2016 में स्टडी वीजा पर भारत आई थी और ठगी करने लगी।