{"_id":"5f98a365abe4d3303f096ad9","slug":"two-including-former-ceo-arrested-in-religare-s-2397-crore-embezzlement","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिरफ्त में जालसाजः रेलिगेयर के 2397 करोड़ गबन में पूर्व सीईओ समेत दो धरे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिरफ्त में जालसाजः रेलिगेयर के 2397 करोड़ गबन में पूर्व सीईओ समेत दो धरे गए
Wed, 28 Oct 2020 04:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 28 Oct 2020 04:17 AM IST
सार
- मामले में रेनबैक्सी के प्रमोटर रहे मालविंदर और शिवेंदर समेत पांच लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
- आरएफएल से मिले फंड में हेराफेरी कर अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करने का है आरोप
विज्ञापन
गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के 2397 करोड़ रुपये के गबन के मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पूर्व सीईओ ग्रेटर कैलाश-2 में रहने वाले मनिंदर सिंह और स्टॉक ब्रोकर फर्म आर्क फाइनेंस लिमिटेड के प्रमोटर व निदेशक फरीदाबाद के नरेंद्र कुमार घोषाल के तौर पर हुई है।
विज्ञापन
इस मामले में प्रमुख दवा कंपनी रेनबैक्सी के प्रमोटर रहे मालविंदर मोहन सिंह और शिवेंदर मोहन सिंह समेत पांच लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। इन पर आरएफएल से मिले फंड में हेराफेरी करते हुए उसे अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करने का आरोप है।
विज्ञापन
ज्वाइंट सीपी डॉ. ओपी मिश्रा के मुताबिक, मनप्रीत सिंह ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड पर नियंत्रित रखने वाले मालविंदर, शिवेंदर और सुनील गोधवानी समेत प्रबंधन में शामिल कई अहम पदाधिकारियों के नाम पर आरएफएल से उन कंपनियों को लोन दिलाया, जिनकी कोई वित्तीय हैसियत ही नहीं थी। इन कंपनियों ने जानबूझकर लोन नहीं लौटाया, जिससे आरएफएल को 2397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह बात आरबीआई और सेबी के ऑडिट में भी सामने आई।
विज्ञापन
मनिंदर सिंह 2017 में रेलिगेयर ग्रुप के निदेशक और सीईओ थे, जो मालविंदर और शिवेंदर के साथ इस साजिश में शामिल थे। वह प्रबंधन कमेटी के सदस्य भी थे, जो कॉरपोरेट को लोन का भुगतान करती थी। मनिंदर और कवि अरोड़ा ने 13 कॉरपोरेट कंपनियों से जालसाजी कर 700 करोड़ रुपये के लोन दे दिया, जिसका फायदा रेलिगेयर ग्रुप के प्रमोटर्स को मिला।
मनिंदर रेलिगेयर ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर भी थे। जालसाजी कर लोन का यह पैसा नरेंद्र कुमार घोषाल के नियंत्रित वाली कंपनियों के खातों में भेज दिया गया। आर्थिक अपराध शाखा लंबे वक्त से आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी मनिंदर सिंह और नरेंद्र कुमार घोषाल को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया है।