दिल्ली में युमना में डूबे दो दोस्त: एक का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी, देर शाम तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
तिमारपुर में मंगलवार को यमुना में नहाते दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। दक्षु (तेरह) को मृत घोषित किया गया। दूसरे किशोर प्रताप की तलाश जारी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में मंगलवार दोपहर यमुना में नहाने के दौरान दो किशोर गहरे पानी में पैर फिसलने से डूब गए। दोनों अपने चार अन्य दोस्तों के साथ नहाने आए थे। वहां मौजूद इनके दोस्त ने शोर मचाया तो पास मौजूद गोताखोर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। गोताखोरों ने एक लड़के को तो कुछ ही मिनटों बाद यमुना से निकाल लिया।
फौरन उसे सिविल लाइंस स्थित ट्रामा सेंटर भेजा गया। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की शिनाख्त दक्षु (13) के रूप में हुई है। वहीं यमुना में डूबे दूसरे किशोर प्रताप का देर शाम तक कुछ पता नहीं चल पाया था। पुलिस, दमकल विभाग,डीडीएमए के गोताखोर व एनडीआरएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी थीं।
शाम करीब 7 बजे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद प्रताप का कुछ पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू का काम रोकना पड़ा। बुधवार सुबह एक बार फिर प्रताप की तलाश की जाएगी। पुलिस ने दक्षु का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सब्जी मंडी मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षु अपने परिवार के साथ तिमारपुर, तीन नंबर डेयरी के पास रहता था। इसके परिवार में पिता जितेंद्र के अलावा अन्य सदस्य हैं। पिता कार की धुलाई का काम करते हैं जबकि दक्षु पास के सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। वहीं प्रताप भी दक्षु के घर के पास रहता है। इसके परिवार में पिता लल्लू कुमार, मां रंजीता व अन्य सदस्य हैं। प्रताप पास के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है।
मंगलवार को थी स्कूल की छुट्टी, दोस्तों का बना नहाने का कार्यक्रम
एक परिजन ने बताया कि मंगलवार को आंबेडकर जयंती की छुट्टी थी। सभी का यमुना में नहाने का प्रोग्राम बना। दक्षु, प्रताप व इनके चार दोस्त (सभी 15 साल से कम) तिमारपुर इलाके में सूरघाट के पास पहुंचे। दोपहर करीब 1.30 बजे इन लोगों ने पानी में नहाना शुरू कर दिया। इस बीच गहरे पानी की ओर जाने की वजह से दक्षु और प्रताप डूबने लगे।
डर की वजह से इनके तीन दोस्त पानी से निकलकर वहां से भाग गए। वहां मौजूद अकेले दोस्त ने शोर मचा दिया। अमूमन घाट पर हमेशा गोताखोर मौजूद होते हैं। शोर सुनकर वहां आए गोताखोरों को नाबालिग ने दोस्तों के डूबने की सूचना दी। तुरंत गोताखोर दोनों नाबालिग की तलाश में यमुना में कूद गए। करीब 10 मिनट बाद गोताखोरों ने दक्षु को पानी से निकाल लिया। इस बीच 2 बजे सूचना मिलने के बाद पुलिस व दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दक्षु को अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसे वहां मृत घोषित कर दिया गया। बाद में बाकी बचाव दल भी वहां पहुंच गया। देर शाम तक प्रताप का पता नहीं चल सका।
प्रताप के पिता कैंसर के मरीज...
दोनों लड़कों के डूबने की खबर मिलने के बाद उनके परिजन भी वहां पहुंच गए। दक्षु के पिता ने बताया कि उनका बेटा छुट्टी होने की वजह से 12 बजे घर से निकला था। वहीं प्रताप की मां रंजीता ने बताया कि उनके पति रोड पर खाना बनाकर बेचते हैं। पति कैंसर से पीड़ित भी हैं। बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। देर शाम तक सूरघाट पर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई थी।