फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Two dummy directors arrested for laundering crores of rupees through shell companies

Delhi NCR News: शेल कंपनी बनाकर कालेधन को कर रहे थे सफेद, करोड़ों की हेराफेरी पर 2 डमी डायरेक्टर गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 08:18 PM IST
विज्ञापन
336 साइबर ठगी केस से जुड़ा हैं खाता, पुलिस के हाथ बड़ा सुराग
विज्ञापन

कई खातों और बैंकों से करोड़ों रुपये का लेन-देन संभाल रहा था नेटवर्क

संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने शनिवार को म्यूल अकाउंट और शेल कंपनियों के जरिये किए जा रहे करोड़ों के हेरफेर का खुलासा किया है। कार्रवाई में दो डमी डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी कंपनी बनाकर ठगी के करोड़ो रुपयों को कालेधन को सफेद कर रहे थे। इस नेटवर्क के जरिये सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में कमाए गए धोखाधड़ी के पैसों को भी सफेद किया जा रहा था।

8 दिन के अंदर कंपनी के खाते में आए 16 करोड़ तो गहराया शक : पुलिस के अनुसार मेस्सिट ट्रेडेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर एक बैंक खाता मिला, जो बवाना ब्रांच के एक बैंक में था। जांच में पता चला कि कंपनी के बैंक खाते में महज 8 दिनों के भीतर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ। वहीं, यह खाता देशभर में दर्ज 336 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा भी पाया गया।
विज्ञापन



देशभर में फैला नेटवर्क, दिल्ली के कुछ इलाके बने हॉटस्पॉट : पुलिस ने बताया कि पैसे के लेन-देन के विस्तृत विश्लेषण से 35 से अधिक संदिग्ध शेल कंपनियों के साथ जुड़ाव का पता चला है। इस लेन-देन से एक बहुस्तरीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की संलिप्तता का संकेत मिलता है, जो कई खातों और बैंकों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये का लेन-देन संभाल रहा था। जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक इसके लिंक हो सकते हैं। वहीं, दिल्ली के पीतमपुरा, रानी बाग और नेताजी सुभाष प्लेस जैसे इलाके इस नेटवर्क के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का काम करने का तरीका : आरोपी कमजोर और जरूरतमंद लोगों को नौकरी, कमीशन या फिर आसान कमाई का लालच देकर उन्हें कंपनी का डमी डायरेक्टर बनाते थे। उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते, लेकिन कंट्रोल गिरोह के पास होता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसों को तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर ट्रेल छिपाने के लिए किया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article