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Delhi Court Strike : सभी जिला अदालतों में आज से दो दिन की हड़ताल, एलजी की अधिसूचना के खिलाफ खुला मोर्चा

Fri, 22 Aug 2025 01:30 AM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 22 Aug 2025 01:30 AM IST
सार

Delhi Court Strike: दिल्ली में बार संघों की समन्वय समिति ने दो दिन की हड़ताल का फैसला लिया है। यह फैसला एलजी की अधिसूचना के खिलाफ लिया गया है। जो बीती 13 अगस्त को जारी की गई थी। 

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two-day strike in district courts of Delhi from tomorrow
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Freepik

विस्तार

दिल्ली की सभी जिला अदालतों के बार संघों की समन्वय समिति ने उपराज्यपाल की ओर से 13 अगस्त को जारी एक अधिसूचना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इस अधिसूचना में दिल्ली के पुलिस थानों को पुलिस अधिकारियों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए निर्दिष्ट स्थान बनाने की अनुमति दी गई थी, जिसे विधिक समुदाय ने कानून के खिलाफ और जनता के हितों के विपरीत बताया है। ऐसे में समन्वय समिति ने इसको लेकर बृहस्पतिवार को एक बैठक की, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 और 23 अगस्त को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकील पूर्ण कार्य-विरत रहेंगे।

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इस दौरान कोई भी वकील प्रत्यक्ष या आभासी माध्यम से अदालतों में उपस्थित नहीं होगा। समिति ने सभी वकीलों से इस हड़ताल में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही, चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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समन्वय समिति के सचिव तरुण राणा ने बताया कि यह अधिसूचना न केवल कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि यह आम लोगों के अधिकारों का भी हनन करती है। उनकी मांग है कि इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने बताया कि समिति ने यह भी घोषणा की है कि 23 अगस्त को एक और बैठक आयोजित करेगी, जिसमें स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

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जानें क्या है पूरा मामला
बता दें कि समन्वय समिति ने 20 अगस्त उपराज्यपाल, गृह मंत्री, विधि एवं न्याय मंत्री, मुख्यमंत्री और को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें इस अधिसूचना को तत्काल वापस लेने की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया कि यह अधिसूचना केंद्र सरकार के गृह सचिव की ओर से 15 जुलाई, 2024 को जारी परिपत्र के विपरीत है। हालांकि, अधिकारियों ने कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण विधिक समुदाय में तीव्र आक्रोश है।

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