फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बकरीद के दिन दो समुदाय आपस में भिड़ गए। शनिवार सुबह गांव मुजेड़ी में कटड़ों की कुर्बानी देने की बात से नाराज कुछ दबंग ग्रामीणों ने म्यांमार के अल्पसंख्यक शरणार्थियों पर लाठी, डंडे और सरिये से हमला कर दिया। घटना में तीन महिलाओं सहित सात लोग घायल हो गए।
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बकरीद पर कटड़ों की कुर्बानी को लेकर विवाद, म्यांमार के शरणार्थियों के साथ मारपीट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 03 Sep 2017 09:17 AM IST
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बकरी ईद पर दो समुदायों में मारपीट।
- फोटो : अमर उजाला
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मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद सांप्रदायिक तनाव से निपटने के लिए घरों के बाहर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने 15 से 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लेते हुए अन्य हमलावरों की तलाश में कई जगह दबिश दी। वहीं, हमले के डर से शरणार्थियों के परिवार ईद की नमाज भी अता नहीं कर पाए।
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दरअसल, म्यामांर देश के रोहिंग्या जनजाति 30 से 40 शरणार्थी मुजेडी गांव के बाहर झुग्गियों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदार ने ईद पर कुर्बानी की रस्म के लिए शुक्रवार दोपहर को भैंस के दो कटड़े दिए थे। जिसे लेकर वह मुजेड़ी गांव आ गए थे।
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मुजेड़ी गांव के कुछ दंबगों को जब इसकी जानकारी मिली तो शुक्रवार शाम को वह विरोध करने शरणार्थियों की बस्ती में पहुंच गए और भैंस के कटड़े चोरी कर लाने का आरोप लगाया। दंबगों ने धमकी भी दी कि कटड़ों की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी और वापस चले गए।
शरणार्थियों के कबीले से जुड़े शाकिर अहमद ने बताया कि शनिवार सुबह यहां लोग ईद की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान सुबह करीब पांच बजे करीब 15-20 लोग हाथ में लाठी, डंडे और सरिये लेकर आए और मारपीट करने लगे। इस हमले में नूरजहां, शेनूअरा, उमिया खातुला, रशिक, साहिबुल इस्लाम, कायशर, मोहम्मद उल्लाह घायल हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस की मदद से घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
शरणार्थियों के कबीले से जुड़े शाकिर अहमद ने बताया कि शनिवार सुबह यहां लोग ईद की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान सुबह करीब पांच बजे करीब 15-20 लोग हाथ में लाठी, डंडे और सरिये लेकर आए और मारपीट करने लगे। इस हमले में नूरजहां, शेनूअरा, उमिया खातुला, रशिक, साहिबुल इस्लाम, कायशर, मोहम्मद उल्लाह घायल हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस की मदद से घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
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दरअसल, रोहिंग्या जनजाति के लोग मूलत: म्यांमार (बर्मा) के रहने वाले हैं। यह लोग यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट कमीशन की अनुमति से फरीदाबाद में पिछले दो तीन वर्ष से शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। इनमें से कोई कूड़ा बीनने का काम करता है तो कोई मजदूरी करता है। मुजेड़ी गांव में करीब 47 परिवार रहते हैं।
बल्लभगढ़ के डीसीपी विष्णु दयाल पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। घायलों का मेडिकल कराया गया है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती की गई है।
बल्लभगढ़ के डीसीपी विष्णु दयाल पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। घायलों का मेडिकल कराया गया है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती की गई है।