नकली बिलों से दो भाइयों ने की 238 करोड़ की धोखाधड़ी, 70 फर्जी कंपनियां का कागजों में दिखाया कारोबार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस बिलों के जरिये कर चोरी का सिलसिला थम नहीं रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के रूप में 238 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) विभाग ने किया है।
दिल्ली निवासी दो भाई इस गोरखधंधे को चला रहे थे जिनमें से छोटे भाई की गिरफ्तारी हो चुकी है। बड़े भाई की तलाश है। सीजीएसटी नोएडा के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि दिल्ली के त्रिनगर में तनुज की गुप्ता प्रिंटर्स और मोहित की गुप्ता पैकेजिंग के नाम से फर्म रजिस्टर्ड हैं।
दिसंबर में जांच के दौरान पता चला कि इन दोनों भाइयों ने कई जगह अपने व रिश्तेदारों के नाम से करीब 70 फर्जी कंपनियों का पंजीयन कराकर अलग-अलग राज्यों में स्थित फर्मों से सिर्फ कागजों में कारोबार कर डाला।
इसके बाद अधिकारियों की टीम जीएसटी पंजीयन के दौरान जो पता दिया था, उस पते पर पहुंची तो वहां कोई कंपनी अस्तित्व में नहीं पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि नकली बिल बनाकर 1681.61 करोड़ रुपये के माल की आपूर्ति दिखाई गई।
दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से बरामद दस्तावेज की जांच के आधार आईटीसी के रूप में अब तक 238 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
हालांकि, मोहित को 2 दिसंबर को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि बड़ा भाई तनुज फरार है। मास्टरमाइंड तनुज गुप्ता की उम्र 29 साल और उसके छोटे भाई मोहित गुप्ता की उम्र 27 साल है
ऐसे पकड़ में आई हेराफेरी
नोएडा के सेक्टर-154 स्थित जगदंबा एंटरप्राइजेज की फर्म से लगातार इनवॉइस जारी हो रहे थे। संदेह होने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां एक शख्स मिला। उसके पास दो अर्थमूवर मशीन थीं। पूछताछ करने पर पता चला कि उसके नाम से जीएसटी पंजीयन कराकर फर्जी बिलिंग की जा रही है।
शख्स ने बताया कि वो पढ़ा लिखा नहीं है और न ही जीएसटी के बारे में उसे कोई जानकारी है। जांच आगे बढ़ी तो एक के बाद एक कड़ी जुड़ती गईं और जांच टीम दिल्ली में बैठे दोनों मास्टरमाइंड भाइयों तक पहुंच गई।