सब्जी की आड़ में गांजा सप्लाई करने के लिए लाए थे, दो गिरफ्तार
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सोयाबीन की आड़ में दिल्ली में गांजा सप्लाई करने आए दो केंटर चालकों को पुलिस ने आजादपुर फल मंडी से गिरफ्तार किया है। दोनों खेप लेने आ रहे तस्कर का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान सिविल डिफेंस कर्मी को शक हुआ और उसने पुलिस को घटना की जानकारी देकर खेप पकड़वा दिया। इनके पास से 293 किलो गांजा मिला है, जिसे दोनों विशाखापत्तनम से लेकर आए थे।
जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि गिरफ्तार चालकों की पहचान वैशाली, बिहार निवासी धर्मेंद्र महतो और रोहतास, बिहार निवासी पप्पू पासवान के रूप में हुई है। धर्मेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो महीने से महाराष्ट्र के रायगढ स्थित शेड्यूलर लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। कंपनी देश भर से सामान को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने के लिए एक केंटर ट्रक दे रखा है। यह केंटर कंपनी के नाम रजिस्टर है।
कंपनी के मैनेजर ने उसे विशाखापत्तनम के ऑटो नगर स्थित सोयाबीन फैक्टरी भेजा था। जहां उसे एक व्यक्ति से मिलने को कहा। साथ ही कहा कि यह विशेष काम है, इससे अच्छे से करने से उसे इनाम भी दिया जाएगा। उसके बाद धर्मेंद्र फैक्टरी पर पहुंचा। जहां उसकी तीन लोगों से मुलाकात हुई। जिसमें पप्पू पासवान भी शामिल था। सभी ने ट्रक में सोयाबीन के साथ गांजा भी भर दिया।
उसके बाद मैनेजर ने उसे दिल्ली में रहने वाले एक व्यक्ति का नाम बताया, जिसे यह खेप पहुंचाना था। दिल्ली पहुंचने से पहले धर्मेंद्र ने उस सप्लायर से बात की। सप्लायर माल ढोने वाला टैंपो लेकर आने की बात कही थी। वहीं पप्पू ने बताया कि वह बिहार में आठ दस साल से ड्राइवर का काम करता था।
लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी छूट गई। उसके एक परिचित ने उसे जल्द पैसे कमाने के लिए गांजा का सप्लाई करने के लिए कहा। पप्पू के राजी होने पर परिचित ने उसे ऑटो नगर स्थित फैक्टरी भेज दिया। जहां उसकी मुलाकात मनोज से हुई। फिर ट्रक में सोयाबीन और गांजा भर कर दोनों दिल्ली आ गए।
सब्जी मंडी की जगह फ्रूट मंडी में ट्रक खड़ा देख हुआ शक
गांजा की इस खेप को पकड़वाने में सिविल डिफेंसकर्मी प्रदीप शर्मा की भूमिका अहम है। देर रात उसकी तैनाती आजादपुर मंडी में थी। उसने एक केंटर को फ्रूट मंडी में खड़ा देखा। जिसका पिछला डाला खुला हुआ था। केंटर में प्लास्टिक बैग पड़े थे। लेकिन उसने सोचा की फल का सप्लाई लकड़ी के बॉक्स में होता है जबकि सब्जी की सप्लाई जूट के बैग में होता है। ऐसे में प्लास्टिक में पैक सामान क्या है। चालकों ने पूछताछ में बताया कि उसमें सोयाबीन है। लेकिन शक होने पर उसने गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की इसकी जानकारी दे दी।
पहले भी अनाज, सब्जी और फल की आड़ में होती रही है गांजे की तस्करी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तस्कर पहले भी अनाज, सब्जी और फल की आड़ में गांजे की सप्लाई करते रहे हैं। इसके लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत ड्राइवरों को जल्द पैसे कमाने का लालच दिया जाता है। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच 280 किलो गांजा की खेप को पकड़ चुका है जिसे धान की आड़ में लाया गया था।
उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ और विशाखापत्तनम से करते हैं तस्करी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तस्कर उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ और विशाखापत्तनम से करते हैं दिल्ली व एनसीआर में गांजा की तस्करी। तस्करों का नेटवर्क भारत के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। जो ट्रक चालकों या फिर किराए पर चलने वाले कार चालकों की मदद से दिल्ली में गांजा की खेप को पहुंचाते हैं। यहां तक कि उड़ीसा के भुवनेश्वर से कार से ही तस्करी की जा रही है। जबकि हाल में विशाखापत्तनम से खेप लाया जा रहा है। इसके लिए तस्कर वहां से खाने पीने का सामान लेकर आने वाले ट्रक चालकों को अपने जाल में फंसाते हैं।