रेप केस को लेकर महिला IPS ने कमिश्नर पर लगाए गंभीर आरोप
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गुड़गांव की ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर भारती अरोड़ा ने कमिश्नर नवदीप सिंह पर एक रेप केस की जांच को लेकर कई गंभीर आरोपों लगाए हैं जिसमें मानसिक प्रताड़ना भी शामिल है।
भारती ने हरियाणा डीजीपी वाईपी सिंघल को पत्र लिखते हुए नवदीप सिंह विर्क पर आरोप लगाया है कि विर्क उन्हें एक केस में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी वो जांच कर रही हैं।
भारती का दावा है कि विर्क उनके करियर को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। गौरतलब है कि ये सारा मामला पिछले साल जुलाई में शुरू हुआ जब भारती को एक रेप केस की जांच सौंपी गई थी।
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पूर्व डिप्टी कमिश्नर के बेटे पर है रेप का केस
बता दें कि भारती को जिस रेप केस की जांच सौंपी गई थी वो एक एमएनसी के एक्जिक्यूटिव अजय भारद्वाज के खिलाफ थी। यह केस इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि अजय भारद्वाज गुड़गांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर के बेटे भी हैं।
अजय पर आरोप था कि उसने अपने आरडी सिटी स्थित घर में अपनी लिव-इन-पार्टनर के साथ रेप किया है और उसका बच्चा भी है। भारद्वाज को 1 अगस्त 2014 में गुड़गांव पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया था।
भारद्वाज के खिलाफ धारा 376(रेप) और 506(आपराधिक मामला) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बता दें कि भारद्वाज की लिव-इन-पार्टनर ने उसपर तीन साल से भी ज्यादा समय तक रेप का आरोप लगाया था।
इसके साथ ही भारद्वाज ने महिला को शादी का झांसा देकर उसकी पहली शादी के तलाक से मिले सारे पैसे भी हड़प लिए। बता दें कि भारद्वाज पहले से ही शादीशुदा है और उसने लिव-इन पार्टनर से वादा किया था कि वो अपनी बीवी से तलाक लेकर उससे शादी करेगा।
जबरदस्ती हो रही है भारद्वाज को दोषी ठहराने की कोशिश
ज्वाइंट कमिश्नर भारती अरोड़ा का इस मामले में कहना है कि उसने इस रेप केस की जांच में पाया है कि पुलिस किसी भी तरह भारद्वाज को दोषी ठहराना चाहती है।
एफआईआर में जो भी आरोप दर्ज है उसे जबरदस्ती भारद्वाज पर मढ़ने की कोशिश की जा रही है। डीजीपी को अपने पत्र में भारती ने लिखा है कि वो अपने काम के दौरान अपने सीनियरों से नहीं डरती हैं।
भारती ने आगे लिखा है कि उन्हें नहीं पता कि क्यों पुलिस कमिश्नर, अजय भारद्वाज को दोषी ठहराने पर अमादा हैं और जो पीड़िता है वो पुलिस कमिश्नर की तरह ही काम करती है।
भारती का कहना है कि वो जब भी उनके दफ्तर में आती है तो उसे वो सभी बातें पता होती हैं जो भारती ने कमिश्नर ऑफिस में अपने अफसरों से की थीं।
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कमिश्नर ने कहा था जांच छोड़ दो वरना...
भारती ने डीजीपी को लिखे अपने पत्र में बताया है कि पुलिस कमिश्नर ने उसे एक दिन ट्रैफिक मामलों को लेकर कुछ विमर्श करने को बुलाया और बाद में धमकी दी कि वो अजय भारद्वाज रेप केस की जांच से दूर रहे वरना उसके लिए अच्छा नहीं होगा।
तब भारती ने विर्क से कहा कि उनका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है और वो किसी से नहीं डरती और वो ये जांच नहीं छोड़ेंगी। इस पर कमिश्नर ने भारती को धमकाया कि अगर वो इस केस की जांच नहीं छोड़ती हैं तो रेप पीड़िता ने उनपर कुछ आरोप लगाए हैं उनके बिनाह पर कमिश्नर भारती को दोषी ठहरा देंगे।
भारती ने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि अगर उनकी बातों पर विश्वास ना हो तो कमिश्नर के कमरे में कुछ छिपे कैमरे लगे हैं जिसमें सारी बातें रिकॉर्ड होंगी, अगर कोई चाहे तो उसकी फुटेज भी देख सकता है।
रेप आरोपी की बहन से हैं भारती के निजी संबंध
कमिश्नर विर्क ने अपनी सफाई में कहा है कि वो किसी ऐसी शिकायत के बारे में नहीं जानते इसलिए वो कोई कमेंट नहीं करेंगे। भारद्वाज पर गलत आरोप मढ़ने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि मेरी गुड़गांव में पोस्टिंग से बहुत पहले ही अजय को रेप केस में गिरफ्तार कर लिया गया था।
विर्क ने आगे कहा कि रेप पीड़िता ने भारती के ऊपर कई इल्जाम लगाए हैं। जैसे भारती अजय और उसके परिवार को बचाने की कोशिश कर रही हैं और अजय की बहन को भारती निजी तौर पर जानती हैं।
इन सारे आरोपों की जांच में ये सभी सही पाए गए हैं इसलिए एक स्पेशल रिपोर्ट हरियाणा के डीजीपी को भेजी गई है, जिससे वो भारती के खिलाफ जरूरी कार्रवाई कर सकें।
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