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Delhi NCR News: तुर्कमान गेट पथराव में मुख्य आरोपी साजिद की अग्रिम जमानत खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट परिसर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिल्पी जैन की अदालत ने सोमवार को तुर्कमान गेट पथराव मामले के मुख्य आरोपी साजिद इकबाल की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा, अपराध की गंभीरता, आरोपी पर लगे आरोपों की गंभीरता, जांच एजेंसी के साथ आरोपी के सहयोग न करने के आचरण और विस्तृत जांच के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए इस चरण में आरोपी साजिद इकबाल को अग्रिम जमानत देने के पक्ष में नहीं हूं।
कोर्ट ने कहा कि साजिद इकबाल ने जांच में शामिल होने के बावजूद जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। उसे भीड़ को आक्रामक तरीके से नेतृत्व देने के पीछे का मकसद जानने के लिए हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि अन्य सह-अभियुक्तों को जमानत मिलने का आधार इस मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि साजिद इकबाल की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है।
कोर्ट में वीडियो सबूत पेश किया गया जिसमें साजिद इकबाल को मस्जिद की ओर जाते हुए, पुलिस बैरिकेड हटाते हुए और हाथ के इशारों से बैरिकेड के पार भीड़ इकट्ठा करते हुए दिखाया गया है। यह घटना 6-7 जनवरी की दरमियानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में एमसीडी की अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई थी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि तुर्कमान गेट के सामने वाली मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिसके बाद सैकड़ों लोग जमा हो गए।
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नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट परिसर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिल्पी जैन की अदालत ने सोमवार को तुर्कमान गेट पथराव मामले के मुख्य आरोपी साजिद इकबाल की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा, अपराध की गंभीरता, आरोपी पर लगे आरोपों की गंभीरता, जांच एजेंसी के साथ आरोपी के सहयोग न करने के आचरण और विस्तृत जांच के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए इस चरण में आरोपी साजिद इकबाल को अग्रिम जमानत देने के पक्ष में नहीं हूं।
कोर्ट ने कहा कि साजिद इकबाल ने जांच में शामिल होने के बावजूद जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। उसे भीड़ को आक्रामक तरीके से नेतृत्व देने के पीछे का मकसद जानने के लिए हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि अन्य सह-अभियुक्तों को जमानत मिलने का आधार इस मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि साजिद इकबाल की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है।
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कोर्ट में वीडियो सबूत पेश किया गया जिसमें साजिद इकबाल को मस्जिद की ओर जाते हुए, पुलिस बैरिकेड हटाते हुए और हाथ के इशारों से बैरिकेड के पार भीड़ इकट्ठा करते हुए दिखाया गया है। यह घटना 6-7 जनवरी की दरमियानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में एमसीडी की अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई थी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि तुर्कमान गेट के सामने वाली मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, जिसके बाद सैकड़ों लोग जमा हो गए।
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