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तुर्कमान गेट विवाद: आठ आरोपियों की जमानत पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट पिछले महीने हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना में शामिल आठ आरोपियों की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह की अदालत ने मोहम्मद अदनान, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ, समीर हुसैन, मोहम्मद उबैदुल्लाह, मोहम्मद अरीब, मोहम्मद नवेद और मोहम्मद अथर की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत बृहस्पतिवार को मामले के बाकी चार आरोपियों अदनान, मोहम्मद इमरान, आमिर हमजा और मोहम्मद आदिल से जुड़े शेष तर्क सुनेगी।
सोमवार को अदालत ने मोहम्मद अदनान के पक्ष में पेश हुए वकील के तर्क सुने। वकील ने अदनान की गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) का आरोप नहीं था और मूल एफआईआर में शामिल सभी अपराध जमानती थे, जिनमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि अदनान की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनकी मां और बहन को घर में एक कमरे में बंद कर दिया था और गिरफ्तारी टीम में कोई महिला अधिकारी नहीं थी। गिरफ्तारी वारंट पर किसी परिवार के सदस्य के बजाय एक परिचित ने हस्ताक्षर किए, जिसे पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।
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नई दिल्ली। तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट पिछले महीने हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना में शामिल आठ आरोपियों की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह की अदालत ने मोहम्मद अदनान, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ, समीर हुसैन, मोहम्मद उबैदुल्लाह, मोहम्मद अरीब, मोहम्मद नवेद और मोहम्मद अथर की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा है। अदालत बृहस्पतिवार को मामले के बाकी चार आरोपियों अदनान, मोहम्मद इमरान, आमिर हमजा और मोहम्मद आदिल से जुड़े शेष तर्क सुनेगी।
सोमवार को अदालत ने मोहम्मद अदनान के पक्ष में पेश हुए वकील के तर्क सुने। वकील ने अदनान की गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) का आरोप नहीं था और मूल एफआईआर में शामिल सभी अपराध जमानती थे, जिनमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि अदनान की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनकी मां और बहन को घर में एक कमरे में बंद कर दिया था और गिरफ्तारी टीम में कोई महिला अधिकारी नहीं थी। गिरफ्तारी वारंट पर किसी परिवार के सदस्य के बजाय एक परिचित ने हस्ताक्षर किए, जिसे पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।
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