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Delhi NCR News: तुलसी रेड्डी ने फतह किया माउंट एवरेस्ट, युवाओं के लिए बने प्रेरणा
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-हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह कर देश का नाम रोशन किया है। वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के बाद तुलसी ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता अब कई युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
तुलसी रेड्डी की यात्रा बेहद साधारण तरीके से शुरू हुई थी। एक समय खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी ने खुद को फिट रखने के लिए जिम जाना शुरू किया। धीरे-धीरे फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गई। इसके बाद उन्होंने लंबी दूरी की दौड़, आयरनमैन चुनौतियों और पर्वतारोहण की दुनिया में कदम रखा। एवरेस्ट अभियान से पहले तुलसी दुनिया की कई ऊंची चोटियों पर भी चढ़ाई कर चुके हैं। इनमें यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस, दक्षिण अमेरिका की एकोंकागुआ, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो, कांग यात्से-1, कांग यात्से-2, ड्जो जोंगो और लोबुचे ईस्ट जैसी कठिन चोटियां शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में भी उन्होंने कई ऊंचाई वाले अभियानों में हिस्सा लिया। तुलसी ने अपनी सफलता पर कहा कि एवरेस्ट तक पहुंचना कई वर्षों की तैयारी, त्याग और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों, शेरपा टीम और अभियान गाइड्स भरत थाम्मिनेनी तथा रोमिल बर्थवाल का विशेष धन्यवाद किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह कर देश का नाम रोशन किया है। वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के बाद तुलसी ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता अब कई युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
तुलसी रेड्डी की यात्रा बेहद साधारण तरीके से शुरू हुई थी। एक समय खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी ने खुद को फिट रखने के लिए जिम जाना शुरू किया। धीरे-धीरे फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गई। इसके बाद उन्होंने लंबी दूरी की दौड़, आयरनमैन चुनौतियों और पर्वतारोहण की दुनिया में कदम रखा। एवरेस्ट अभियान से पहले तुलसी दुनिया की कई ऊंची चोटियों पर भी चढ़ाई कर चुके हैं। इनमें यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस, दक्षिण अमेरिका की एकोंकागुआ, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो, कांग यात्से-1, कांग यात्से-2, ड्जो जोंगो और लोबुचे ईस्ट जैसी कठिन चोटियां शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में भी उन्होंने कई ऊंचाई वाले अभियानों में हिस्सा लिया। तुलसी ने अपनी सफलता पर कहा कि एवरेस्ट तक पहुंचना कई वर्षों की तैयारी, त्याग और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों, शेरपा टीम और अभियान गाइड्स भरत थाम्मिनेनी तथा रोमिल बर्थवाल का विशेष धन्यवाद किया।
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