पहले बेटे को दे दी शिकंजी तो गुस्से में आगबबूला हुआ पति, पहले पीटकर किया अधमरा फिर ढाया ये कहर
फिरोजपुर झिरक स्थित सकीला के घर में सोमवार दोपहर तक सब कुछ ठीक था, दोपहर में पति ने पीने के लिए शिकंजी मांगी। पत्नी बड़े शौक से नमक, चीनी और नींबू डालकर शिकंजी तैयार करके अपने दिव्यांग बच्चे को चखा ही रही थी कि यह बात पति को नागवार गुजरी।
गुस्से में पहले तो वह चारपाई से खड़ा हुआ, फिर पत्नी को पीट-पीटकर अधमरा करके तीन तलाक दे दिया। अपनी मां को बचाने के लिए दो बच्चे अपने पिता के हाथ-पैरों में लिपट गए लेकिन उसके सिर पर दरिंदगी सवार थी और उसने बच्चों की भी पिटाई कर दी। मां और बच्चों के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने सभी को खंड के सामान्य अस्पताल मांड़ीखेड़ा में इलाज के लिए भर्ती कराया। यह घटना सोमवार दोपहर की है। सोमवार रात को महिला ने फिरोजपुर झिरका थाने में पुलिस को लिखित में शिकायत दी। तलाक की सूचना मिलते ही मालब गांव से सकीला के परिजन आ गए। मांड़ीखेड़ा अस्पताल में भर्ती सकीला मालब ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसकी शादी करीब 20 वर्ष पहले दोरक्खी गांव में हुई थी।
वह तीन बच्चों की मां है, एक बच्चा जन्म से दिव्यांग है। 11 जून की दोपहर में पति मुबीन ने शिकंजी बनवाई थी, जोकि मैंने करके दिव्यांग बच्चे के रोने की वजह से पहले उसे दे दी। इससे मेरा पति गुस्से में चूर हो गया और मुझसे कहा कि पहले शिकंजी मुझे क्यों दी। गुस्से में आकर उसने तीन तलाक दे दिया। महिला का आरोप है कि कुछ दिन पहले भी पति मुबीन, ससुर सुलेमान, सास खातूनी, देवर इमरान, ननद फिरदौस ने बिना वजह मेरे साथ मारपीट की थी। महिला का कोई भाई व मां नहीं है। पिता भी बुजुर्ग हैं, इसलिए वह जुल्म बर्दाश्त करती आ रही है। मंगलवार को साढ़े 11 बजे नगीना के मांड़ीखेड़ा अस्पताल में महिला का एक्सरे हुआ।
क्या कहती हैं एसपी
जिला नूंह की एसपी नाजनीन भसीन ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। फिरोजपुर झिरका पुलिस को कार्रवाई के लिए आदेश दिए गए हैं। पीड़िता सकीला को इंसाफ मिलेगा।