त्रिलोकपुरी मामला: 'पुलिस ने चलाई मेरे बेटे पर गोली'
त्रिलोकपुरी में नौवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों के परिजनों ने पुलिस पर किशोरों को गोली मारने का आरोप लगाया है। दोनों छात्र अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि दोनों छात्र ट्यूशन पढ़कर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें निशाना बनाकर गोली चला दी।
त्रिलोकपुरी 28 ब्लॉक निवासी अर्जुन (15) की मां मलर ने बताया कि शुक्रवार को अर्जुन अपने साथी अजित (15) के साथ दोपहर करीब12:30 बजे 34 ब्लॉक से ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। घर से कुछ दूरी पर फ्लैग मार्च कर रहे पुलिसकर्मियों ने दोनों पर निशाना बनाकर गोली चला दी।
आसपास मौजूद लोगों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। अर्जुन के सिर में गोली लगी है और उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं अजित के पेट में गोली लगी है और उसका उपचार जीटीबी अस्पताल में चल रहा है। उसकी भी हालत खतरे से बाहर नहीं है।
घायल लड़के की मां ने लगाया आरोप
अर्जुन की मां ने इलाके के एक अधिकारी पर उनके बेटे पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि वहां मौजूद कई लोगों ने उस अधिकारी को गोली चलाते हुए देखा है। लोगों ने घटनास्थल से गोली के कई खोखे भी इकट्ठे किए हैं। अर्जुन की मां ने बताया कि उन पर पुलिस की तरफ से दबाव दिया जा रहा है कि वह गोलीबारी में पुलिस का नाम न लें।
इसके अलावा इसी ब्लॉक के चेतन का इलाज भी जीटीबी अस्पताल में चल रहा है। जबकि ब्लॉक 33 के रहने वाले प्रवीण को पैर में गोली लगी है और उसका झिलमिल स्थित ईएसआई अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रवीण ने बताया कि पथराव के दौरान वह गाड़ी पार्क कर रहा था।
इसी दौरान उसके पैर में गोली लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुभाष नाम का युवक भी पथराव में घायल हुआ है और उसकी आंख में चोट लगी है। उसका एम्स में उपचार चल रहा है। पूर्वी जिला के उपायुक्त अजय कुमार ने लोगों के इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस की तैनाती से थमा बवाल
पुलिस ने रविवार को जो उपाय किए उससे शांति बहाली में काफी मदद मिली। शनिवार को हिंसा के दौरान पुलिस की टीम फ्लैग मार्च करती हुई इन ब्लॉक ों से निकल जाती थी।
पुलिस के जाते ही दोबारा से पथराव शुरू हो जाता था। लेकिन रविवार को पुलिस ने इन सभी ब्लॉक के चौराहों पर दस से बीस पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। जिससे इलाके के लोग घर से बाहर नहीं निकल पाए और पथराव थम गया।