फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Trilokpuri riot, police mishandled muslim women.

त्रिलोकपुरीः पुलिस ने मुस्लिम महिलाओं से की हिंसा

Sun, 09 Nov 2014 06:48 PM IST
Updated Sun, 09 Nov 2014 06:48 PM IST
विज्ञापन
Trilokpuri riot, police mishandled muslim women.

दिल्ली अल्पसंख्यक कमिशन के पास दर्ज कराई गई एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि त्रिलोकपुरी में दंगों के दौरान पुलिस ने मुस्लिम महिलाओं पर बल प्रयोग करने के साथ ही उनके साथ बुरा व्यवहार किया था।

विज्ञापन


कमिशन में यह रिपोर्ट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने 30 अक्टूबर को लिखाई थी। इस शिकायत में दंगों के दौरान कल्याणपुरी और मयूर विहार फेस-1 की पुलिस की भूमिका की जांच करने की मांग की गई है।
विज्ञापन


इस शिकायत में पुलिस पर मुस्लिमों के खिलाफ भेदभावपूर्ण गिरफ्तारियों, टॉर्चर, मारपीट, पॉवर का गलत इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दंगों के दौरान तीन एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें 32 मुस्लिमों और 12 हिंदुओं को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि एसडीपीआई के राज्य सचिव अजीम खान का दावा है कि उन्होंने त्रिलोकपुरी के कई स्थानीय लोगों से बात की। लोगों ने बताया कि मुस्लिम पुरुषों को न सिर्फ सड़कों से बल्कि उनके घर से भी उठा-उठाकर जेल में डाला गया है।

पति और देवर को ले जाने पहले महिला को किया बेइज्जत

Trilokpuri riot, police mishandled muslim women.

अल्पसंख्यक कमिशन में दर्ज कराई गई चार पेज की शिकायत में त्रिलोकपुरी दंगों के पीड़ितों ने गवाही दी है। इसमें कई मुस्लिम महिलाओं ने भी शिकायत दर्ज कराई है।

ऐसी ही एक शिकायत में त्रिलोकपुरी के ब्लॉक 27 में रहने वाली एक महिला ने कहा है कि 25 अक्टूबर को दिन में करीब 3:30 बजे 20-25 पुलिस वाले उसके घर में घुस गए। घर में घुसकर पुलिसवालों ने उसके पति और देवर जो टीबी का मरीज है उसे परेशान किया और उन्हें उठा ले गए।

एसडीपीआई के सचिव खान का कहना है कि पुलिस ने इस महिला के पति और देवर को ले जाने से पहले महिला का भी शारीरिक शोषण किया था। खान का आरोप है कि ऐसे ही पुरुष पुलिसवालों ने कई महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण किया।

पुलिस ने सभी आरोपों से किया इंकार

Trilokpuri riot, police mishandled muslim women.

कमिशन के पास दर्ज शिकायत में दावा किया गया है कि महिलाएं अब भी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। बताया गया है कि मुस्लिम महिलाओं में दहशत का यह माहौल त्रिलोकपुरी के उस क्षेत्र में है जहां मुस्लिम आबादी बहुत कम है।

अल्पसंख्यक कमिशन के चेयरमैन कमर अहमद ने बताया कि कमिशन दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच कर रही है और त्रिलोकपुरी के लोगों से उनके अनुभव बांटने को भी कहा गया है। तीन सदस्यीय यह कमिशन दंगा प्रभावित इलाकों में शांति बहाली के लिए भी गया था।

अहमद ने बताया कि उन्हें अब तक पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कमिशन अपनी जांच पूरी करके सभी शिकायतें पुलिस तक पहुंचा देगी। हालांकि एक सीनियर पुलिस अधिकारी जो इस जांच का हिस्सा रहे उन्होंने एसडीपीआई के दावे से इंकार किया है।

इस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दंगों के दौरान आरोपियों को पकड़ने और जांच कार्य में कोई भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने एक बात और कही कि ऐसी कोई भी जगह नहीं थी जहां दंगे रोकने और दंगाईयों को तितर-बितर करने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती न की गई हो।

साभारः इंडियन एक्सप्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed