फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Trees turned into two lakh kilograms of wood in storm and rain revealed in ndmc report

Delhi News: आंधी और बारिश में दो लाख किलोग्राम लकड़ी में तब्दील हुए पेड़, 30 मई को करीब 12 सौ पेड़ों को पहुंचा नुकसान

Thu, 16 Jun 2022 06:50 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 16 Jun 2022 06:50 AM IST
सार

एनडीएमसी ने गत 30 मई को आई आंधी एवं बारिश और पेड़ों को नुकसान पहुंचने के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की है। एनडीएमसी ने इस रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उस दिन आई आंधी व बारिश पेड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली साबित हुई।

विज्ञापन
Trees turned into two lakh kilograms of wood in storm and rain revealed in ndmc report
आंधी-बारिश से टूटे पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में गत 30 मई को आई आंधी एवं बारिश एनडीएमसी इलाके में पेड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली करार दी गई है। एनडीएमसी इलाके में इससे पहले पेड़ों पर आंधी एवं बारिश इस तरह आपदा बनकर नहीं आई थी। एनडीएमसी इलाके में 30 मई को करीब 12 सौ पेड़ों को नुकसान पहुंचा। लिहाजा मनुष्य, पशुओं एवं पक्षियों को छाया देने और प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभा रहे इन पेड़ों के तने और टहने करीब दो लाख किलोग्राम लकड़ी बनकर सड़कों पर गिर गए, जिसे उठाने में एनडीएमसी नाकाम हो गई और उसे दूसरे विभागों की मदद लेने पड़ी।

विज्ञापन


एनडीएमसी ने गत 30 मई को आई आंधी एवं बारिश और पेड़ों को नुकसान पहुंचने के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की है। एनडीएमसी ने इस रिपोर्ट में खुलासा किया है कि उस दिन आई आंधी व बारिश पेड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली साबित हुई। इससे पहले कभी भी आंधी एवं बारिश में इतनी बड़ी संख्या में इतने पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचा था। उस दिन एक भी छोटी-बड़ी सड़क ऐसी नहीं थी जिस पर पेड़ गिरे एवं टूटे नहीं हो।
विज्ञापन


एनडीएमसी के अनुसार 30 मई को आई आंधी एवं बारिश में 12 सौ पेड़ करीब दो लाख किलोग्राम लकड़ी में तब्दील हो गए। हालांकि इन पेड़ों के टूटे तनों एवं टहनों को तौला नहीं गया है। एनडीएमसी ने अनुमान के अनुसार इतनी लकड़ी होने का दावा किया है। इतना ही नहीं, एनडीएमसी के समक्ष यह लकड़ी उठाने और उसे डालने के लिए समस्या आई। एनडीएमसी ने टूटे पेड़ उठाने के लिए दिल्ली नगर निगम, एनडीआरएफ, एनबीसीसी, एनएचएआई और दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग समेत अन्य विभागों की मदद लेनी पड़ी, वहीं टूरिस्ट पार्क, गुरुद्वारा नर्सरी पार्क, अर्जुन दास कैंप, तालकटोरा गार्डन, पुराना किला रोड नर्सरी, सरोजिनी नगर में एनबीसीसी प्लॉट में इन पेड़ों की लकड़ी डाली गई है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर कई सड़कों एवं पार्कों में भी लकड़ी डाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेड़ टूटने की भरपाई करने की योजना बताई
राजधानी में गत 30 मई को आंधी व बारिश में बड़ी संख्या में पेड़ टूटने की भरपाई करने के लिए एनडीएमसी ने एक योजना तैयार की है। वह इस साल मानसून के दौरान करीब तीन हजार पेड़ों के पौधे लगाएगी। यह पौधे उन्हीं सड़कों व स्थानों पर लगाए जाएगे, जहां 30 मई को आंधी व बारिश ने तबाही मचाई थी। इसके अलावा एनडीएमसी ने पांच लाख झाड़िया भी लगाने का लक्ष्य रखा है। एनडीएमसी का मानना है कि ये झाड़ियों जल्द बड़ी हो जाएगी और ये इलाके में हरियाली करने व प्रदूषण की रोकथाम में कम समय में ही अहम भूमिका निभाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed