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Delhi: स्मार्ट पेड़ और वृक्ष रोग विशेषज्ञ के साथ हर राज्य में बनेगा वृक्ष प्राधिकरण, हरियाली के लिए NGT सक्रिय

Sat, 31 May 2025 06:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 31 May 2025 06:59 AM IST
सार

इसकी सिफारिश केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने की है। 

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Tree authority will be formed in every state with smart trees and tree specialist
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहरीकरण से खत्म हो रहे पेड़-पौधों को बचाने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही नई राष्ट्रीय नीति तैयार करेगी। इसके तहत देश के सभी जिलों में स्मार्ट पेड़ और वृक्ष रोग विशेषज्ञों को तैनात किया जाएगा। हर राज्य में वृक्ष प्राधिकरण बनेंगे। इसकी सिफारिश केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने की है। 

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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया है जिन राज्यों में कानून नहीं हैं, वहां बनाए जाएं। वहीं, जहां कानून हैं, वहां उन्हें बेहतर और समावेशी बनाने पर जोर दिया जाए। निगरानी और समुदाय की भागीदारी के लिए राज्यों को नई तकनीकों (जैसे जीआईएस, रिमोट सेंसिंग) का उपयोग करना चाहिए। इससे पहले 2024 में एनजीटी ने मजबूत नियम बनाने का आदेश केंद्र सरकार को दिया था। 
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केंद्र सरकार ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव और वन महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। सभी राज्यों की मौजूदा स्थिति की जांच, पड़ताल और मौजूदा नियमों की समीक्षा के बाद समिति ने एक सिफारिश रिपोर्ट तैयार की है। इसमें राज्यों को पेड़ों को बचाने के लिए कई प्रमुख उपाय तत्काल शुरू करने के लिए कहा है। इनके अलावा सिफारिशों में कानून निर्माण से लेकर तकनीकी निगरानी और वृक्ष प्राधिकरण जैसे संस्थागत ढांचे पर जोर दिया है। भारत की 85 फीसदी लकड़ी की जरूरत गैर वन क्षेत्र से पूरी होती है। जंगलों से सिर्फ तीन फीसदी लकड़ी मिलती है।
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केंद्र सरकार ने नई नीति में दिशा-निर्देश तय करने की जिम्मेदारी राज्यों को भी दी है। समिति ने कहा कि तेज शहरीकरण से भारत का गैर वन क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। जबकि बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और बाढ़ जैसे संकटों का समाधान अब स्मार्ट पेड़ बन सकते हैं। इनमें हवा को शुद्ध करने से लेकर तापमान कम करने, बारिश के पानी रोकने और जैव विविधता को बढ़ावा देने की क्षमता है। समिति ने यह भी कहा कि गैर वन क्षेत्रों में पेड़ों के संरक्षण, छंटाई, कटाई और प्रत्यारोपण के लिए एक देश एक नीति लागू होनी चाहिए। 

हर राज्य में बनेगा वृक्ष प्राधिकरण 
समिति ने हर राज्य में वृक्ष प्राधिकरण गठन करने का सुझाव दिया है। इसका प्रमुख राज्य वन विभाग या शहरी विकास प्राधिकरण का शीर्ष अधिकारी होगा। वहीं, वन विभाग, शहरी योजना, स्वास्थ्य और पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ साथ प्रमाणित अर्बोरिस्ट (पेड़ विशेषज्ञ) समेत सभी हितधारक शामिल होंगे। दूसरी तरफ हर राज्य में एक ट्री ऑफिसर यानी पेड़ अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। समिति ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को पेड़ काटने की अनुमति देने का अधिकार सौंपा जाए।

पेड़ हमारे लिए संपदा
समिति ने संबंधित विभागों के रिक्त पदों को तत्काल भरने की सलाह दी है। समिति ने माना कि शहरों को रहने लायक बनाना है तो सिर्फ स्मार्ट बिल्डिंग नहीं, स्मार्ट ट्री भी चाहिए। इसके लिए पेड़ को संपत्ति   नहीं, बल्कि संपदा समझना होगा। 

32 राज्यों के पास नियम लेकिन काम किसी में नहीं
समिति ने देश के 32 राज्यों में गैर वन क्षेत्र को लेकर बताया कि जमीनी स्तर पर किसी भी राज्य के कानून खास प्रभावी नहीं हैं। 21 राज्यों में पेड़ों के विकास, 30 में पेड़ों की कटाई और छह राज्यों में पेड़ों की छंटाई के प्रावधान भी मौजूद हैं। जबकि तीन राज्य दिल्ली, गोवा और महाराष्ट्र ऐसे हैं, जहां पेड़ों के प्रत्यारोपण या फिर स्थानांतरण तक के लिए कानून बना हुआ है। 

क्या है स्मार्ट पेड़  
स्मार्ट पेड़ तकनीकी रूप से उन्नत पेड़ या पौधा नहीं है, बल्कि यह एक अवधारणा या प्रणाली है। यह पेड़ों और पर्यावरण की निगरानी, प्रबंधन या उपयोग को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का उपयोग करती है। इनमें सेंसर या इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइस लगे हों। 

  • यह सेंसर मिट्टी की नमी, वायु गुणवत्ता, तापमान या पेड़ की सेहत की निगरानी कर सकते हैं। कुछ शहरों में स्मार्ट ट्री सिस्टम का उपयोग पेड़ों की सिंचाई को स्वचालित करने या उनके स्वास्थ्य की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है 
  • ये पेड़ सौर पैनल, वायु शुद्धिकरण प्रणाली या प्रकाश व्यवस्था से लैस हो सकते हैं
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