यमुना नदी में दर्दनाक हादसा: लाडले को याद कर फफक फफक कर रोए पिता, बोले- पुलिस अधिकारी बनने का था सपना
आदित्य रावत के पिता रविंद्र सिंह रावत ने बताया कि बच्चे अच्छे से पढ़े-लिख सकें और कुछ बन सकें, इस वजह से हम दोनों दिन-रात मेहनत कर कोई कमी नहीं छोड़ रहे थे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चौहान पट्टी इलाके में यमुना में नहाने गए अपने चार दोस्तों के साथ डूब गए थे।
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नए कपड़ों और दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए रुपये दिए थे। लेकिन, घटना के बाद उनकी सारी खुशियां छिन गई। यह कहते हुए आदित्य रावत के पिता रविंद्र सिंह रावत फफककर रोने लगे। इस बीच रावत के साथ आए उनके रिश्तेदार उन्हें हौंसला देते रहे। आदित्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चौहान पट्टी इलाके में यमुना में नहाने गए अपने चार दोस्तों के साथ डूब गए थे।
सब्जी मंडी स्थित शवगृह में तीनों किशोरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शव लेने के लिए परिजन कागजी कार्रवाई में जुटे हुए थे। इस बीच अपने मृत बेटे की स्मृतियों को याद कर रावत बताते हैं कि आदित्य पढ़ने में काफी तेज था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, ऐसे में उसकी मां भी फैक्ट्री में नौकरी करती हैं।
वह मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे अच्छे से पढ़े-लिख सकें और कुछ बन सकें, इस वजह से हम दोनों दिन-रात मेहनत कर कोई कमी नहीं छोड़ रहे थे। रावत सिसकियां लेते हुए बताते हैं कि आदित्य अपने छोटे भाई और दादी का खूब ख्याल रखता था। वह घर से बिना मतलब के बाहर नहीं निकलता था। अगर आदित्य जीवित होता तो आज 17 वर्ष का होता।
पुलिस अधिकारी बनने का था सपना
पोस्टामार्टम की कागजी कार्रवाई में जुटे छात्र रमन के पिता अजेश कुमार बताते हैं कि वह घटना से कुछ देर पहले ही घर पहुंचे थे। जैसे ही कमरे में कॉपी-किताब समेट रहे थे वैसे ही उन्हें रमन के निधन की सूचना मिली। रोते हुए बताते हैं कि वह मूल रूप से मेरठ के रहने वाले हैं। रमन का पुलिस अधिकारी बनने का सपना था।
ट्यूशन पढ़ाकर आर्थिक मदद कर रहा था शिवम
हादसे में जान गंवाने वाले 10वीं कक्षा के छात्र शिवम यादव के पिता सुरेश यादव मायूस होकर बताते हैं कि वह ट्यूशन पढ़ाकर परिवार की आर्थिक मदद कर रहा था। वह मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। वहां परिवार में शादी थी। ऐसे में शिवम की मां व बहन गांव गए हैं। जबकि मैं और शिवम यहीं रुके थे। अगर वह अपनी परीक्षा छोड़ देता तो शिवम आज उनके साथ होता। वह बताते हैं कि शिवम बच्चों को भी ट्यूशन पढ़ाता था, ऐसे में वह शादी में नहीं गया। यादव कहते हैं कि अगर बच्चे की माता यहां होती तो उसे कभी वहां नहीं जाने देती।
मृत प्रवासी मजदूर के परिजनों को दी 10 लाख की मदद
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में रह रहे एक प्रवासी मजदूर की चौथी मंजिल सेे गिरकर मौत होने पर उसके परिजनों की 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की। विधानसभा आप विधायक सोमनाथ भारती ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि मजदूर की पिछले साल चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। वो परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी पांच बेटियां हैं और उसकी मृत्यु के अगले सप्ताह ही एक बेटी की शादी भी थी।