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हाईवे के नाकों पर मौत से लड़ते हैं ट्रैफिक पुलिसकर्मी

Sat, 30 Jan 2016 05:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 30 Jan 2016 05:59 PM IST
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traffic policemen fighting for life on highway and naka
एनजीटी का आदेश हो या फिर विभागीय उच्चाधिकारियों का। यहां तो रात के वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मौत से लड़ना पड़ता है।
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क्योंकि रात के समय बेलगाम ट्रक चालक पुलिसकर्मियों के रुकने के संकेत को नजरंदाज करते हुए ट्रक को रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ाकर निकलने का प्रयास करते हैं।

इन दिनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी एनजीटी के आदेश का पालन करने में जुटे हैं। रात के  समय हाईवे से होते हुए दिल्ली जाने वाले ट्रकों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
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लेकिन जिस स्थान पर खड़े होकर वह ट्रकों को रोकते हैं वहां न तो रात में लाइट का बंदोबस्त है और न ही बैरियर पर रिफ्लेक्टर लगा हुआ है।

यानि अपनी जान संकट में डालकर ट्रैफिक पुलिस कर्मी आदेश का पालन कर रहे हैं। पेश है गौरव चौधरी की रिपोर्ट:

शुक्रवार की रात 10:00 बजे
हाईवे पर  तायल मोटर्स कट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा लगाया गया नाका। नाके के इंचार्ज एएसआई विरेन्द्र सिंह अपने सभी साथियों को समझा रहे थे कि कैसे पुलिसकर्मियों को अपने आप को बचा कर ट्रकों को रोकना है और दिल्ली सीमा की ओर नहीं जाने देना है।
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रात 10:15 बजे
ट्रकों को रोकना शुरू किया गया। हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही थीं। उस दौरान पुलिसकर्मियों की हालत देखने लायक थी। नाके पर लगे बेरीकेड की हालत भी काफी खराब थी। खास बात यह है कि उन पर रिफ्लेक्टर भी नहीं थे। पुलिसकर्मियों  के पास मास्क भी नहीं थे। विभाग की ओर से मिलने वाली रिफ्लेक्टर जैकेट भी सभी पुलिसकर्मियों के पास नहीं थी। सिर्फ एक ट्रैफिक लाइट थी। रिफ्लेक्टर बेल्ट पहने हुए  थे।

10:45 बजे
पुलिसकर्मी ट्रैफिक लाइट और डंडों के सहारे ट्रकों को रोकने का इशारा कर रहा था। जिससे कई बार ट्रक चालक अपने ट्रक को बिल्कुल उनके पास लाकर रोक रहे थे। जब चालकों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हाईवे पर काफी अंधेरा रहता है। अंधेरे  के कारण नाका व पुलिसकर्मी कई बार दिखाई नहीं देते।

हाईवे पर लगाया गया नाका अस्थायी है। उसके लिए जो व्यवस्था पुलिस विभाग की तरफ से होनी चाहिए वह की गई है। जो दूसरी व्यवस्थाएं होनी चाहिए उसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है। -मित्तरपाल, एसएचओ ट्रैफिक पुलिस


अगर हाईवे पर पुलिस द्वारा नाका लगाया गया है तो नाके से 150 मीटर पहले खाली बेरीकेड लगाए जाने चाहिए । जिससे कि ट्रक की रफ्तार कम हो जाए। इसके साथ ही जहां पर नाका लगाया गया है वहां पर रिफ्लेक्टर और लाइट का पूरा इंतजाम होना चाहिए। जिससे दूर से ही नाका दिखाई दे। पुलिसकर्मियों के पास सामान की काफी कमी है।
-एसके शर्मा , वरिष्ठ उप प्रधान, आरएसओ

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