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Delhi NCR News: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मशाल जुलूस
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ दर्ज कराया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और विपक्षी दलों के विरोध में मंगलवार को कनॉट प्लेस में मशाल जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद कमलजीत सहरावत, बांंसुरी स्वराज, स्वाति मालीवाल सहित बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि और महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने तकनीकी बहानों के जरिए महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने इसे बाधित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिलाओं का गुस्सा घरों से निकलकर सड़कों पर आ चुका है। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। वहीं कमलजीत सहरावत ने कहा कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए व्यापक समर्थन की आवश्यकता थी, लेकिन विपक्ष ने इसे अस्वीकार कर देश की करोड़ों महिलाओं को निराश किया। जबकि बांसुरी स्वराज ने कहा कि नारी शक्ति का अपमान अब देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और विपक्षी दलों के विरोध में मंगलवार को कनॉट प्लेस में मशाल जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद कमलजीत सहरावत, बांंसुरी स्वराज, स्वाति मालीवाल सहित बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि और महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने तकनीकी बहानों के जरिए महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने इसे बाधित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिलाओं का गुस्सा घरों से निकलकर सड़कों पर आ चुका है। वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। वहीं कमलजीत सहरावत ने कहा कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए व्यापक समर्थन की आवश्यकता थी, लेकिन विपक्ष ने इसे अस्वीकार कर देश की करोड़ों महिलाओं को निराश किया। जबकि बांसुरी स्वराज ने कहा कि नारी शक्ति का अपमान अब देश बर्दाश्त नहीं करेगा।