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Delhi NCR News: उजीना ड्रेन पुल की टूटी पैरापेट वॉल, हादसे से पहले मरम्मत की मांग
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पुल ऐंचवाड़ी, गोकलपुर, नीमखेड़ा, डोंडल, बेडेड सहित करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला है मुख्य संपर्क मार्ग
फोटो कैप्शन- पुल की टूटी हुई बाउंड्री वाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। उजीना ड्रेन पर ऐंचवाड़ी गांव को जाने वाले पुल की टूटी पैरापेट (बाउंड्री) वॉल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गई है। पुल के दोनों ओर बनी सुरक्षा दीवार लंबे समय से आधी-आधी टूटी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग शिकायतों के बावजूद अनदेखी कर रहा है। यह पुल ऐंचवाड़ी, गोकलपुर, नीमखेड़ा, डोंडल, बेडेड सहित करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग बाइक, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए पुल से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के दोनों तरफ घुमाव होने के कारण रात के समय और बरसात के मौसम में खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी वाहन का संतुलन जरा सा भी बिगड़ जाए तो वह सीधे ड्रेन में गिर सकता है। ग्रामीण आरिफ, वाजिद, इनाम, कमाल, जाहुल हक और मुफीद ने बताया कि पुल की दोनों तरफ से बाउंड्री वॉल काफी समय से टूटी हुई है। कई बार संबंधित विभाग को शिकायत भी की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के नीचे का लेंटर भी कई जगह से टूटने लगा है, जिससे लोहे के सरिए (तार) बाहर से दिखाई दे रहे हैं। जिससे पुल की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल पुल की टूटी बाउंड्री वॉल और क्षतिग्रस्त लेंटर की मरम्मत कराई जाए।
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पुल की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल के निर्माण का स्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया जारी होने की उम्मीद है। टेंडर पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। -मुबारिक खान, कनिष्ठ अभियंता सिंचाई विभाग।
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फोटो कैप्शन- पुल की टूटी हुई बाउंड्री वाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। उजीना ड्रेन पर ऐंचवाड़ी गांव को जाने वाले पुल की टूटी पैरापेट (बाउंड्री) वॉल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गई है। पुल के दोनों ओर बनी सुरक्षा दीवार लंबे समय से आधी-आधी टूटी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग शिकायतों के बावजूद अनदेखी कर रहा है। यह पुल ऐंचवाड़ी, गोकलपुर, नीमखेड़ा, डोंडल, बेडेड सहित करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग बाइक, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए पुल से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के दोनों तरफ घुमाव होने के कारण रात के समय और बरसात के मौसम में खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी वाहन का संतुलन जरा सा भी बिगड़ जाए तो वह सीधे ड्रेन में गिर सकता है। ग्रामीण आरिफ, वाजिद, इनाम, कमाल, जाहुल हक और मुफीद ने बताया कि पुल की दोनों तरफ से बाउंड्री वॉल काफी समय से टूटी हुई है। कई बार संबंधित विभाग को शिकायत भी की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के नीचे का लेंटर भी कई जगह से टूटने लगा है, जिससे लोहे के सरिए (तार) बाहर से दिखाई दे रहे हैं। जिससे पुल की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल पुल की टूटी बाउंड्री वॉल और क्षतिग्रस्त लेंटर की मरम्मत कराई जाए।
पुल की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल के निर्माण का स्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया जारी होने की उम्मीद है। टेंडर पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। -मुबारिक खान, कनिष्ठ अभियंता सिंचाई विभाग।
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