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टोल प्लाजा: मुसीबत कम करने की पहल
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 10 Mar 2014 08:27 AM IST
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गुड़गांव के खेड़कीदौला टोल पर जाम से जूझ रहे वाहन चालकों को सोमवार से कुछ राहत मिल सकती है। टोल पर वाहनों की बढ़ी भीड़ से निपटने के लिए यहां छह अतिरिक्त टोल बूथ लगाने की तैयारी की जा रही है।
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टोल संचालित करने वाली कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सोमवार से नई व्यवस्था कर ली जाएगी।
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सिरहौल टोल बंद होने के बाद खेड़कीदौला टोल पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। यहां से फर्राटा भरते वाहन टोल पर आकर ठहर जाते हैं। सिरहौल टोल पर वाहनों के निकलने के लिए 32 लेन थी, जबकि यहां इससे आधी यानी 16 लेन ही हैं।
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इससे प्लाजा पर वाहनों के दबाव का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जाम की परेशानी बढ़ने के बाद स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। औद्योगिक संगठन भी जाम से आजिज आकर संघर्ष का ऐलान कर चुके हैं। विरोध को देखते हुए टोल संचालित करने वाली एजेंसी यहां बेहतर व्यवस्थाओं की संभावनाएं टटोल रही है।
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कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि वाहनों की संख्या के हिसाब से यहां व्यवस्थाएं कम हैं। इससे निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं। लाइनों में टोकन सिस्टम शुरू किया गया है, उससे जाम से थोड़ी राहत मिली है। दोनों ओर सर्विस लेन पर अतिरिक्त टोल बूथ लगाकर इन लाइनों से वाहनों को कानिकालने बंदोबस्त किया जा रहा है। साथ ही लाइनों में बूथ बढ़ाए जा रहे हैं।
फिलहाल स्थान की उपलब्धता के हिसाब से दोनों ओर 3-3 बूथ बढ़ाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि इससे कुछ राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में और भी प्रयास किए जाएंगे।
बता दें कि मानेसर आईएमटी, धारूहेड़ा, बावल बड़े औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन औद्योगिक के करीब 20 हजार वाहन प्रतिदिन टोल से गुजरते हैं। एक वाहन दिन में तीन से चार चक्कर लगाता है। जाम के कारण चक्कर छूट रहे हैं। साथ ही निजी वाहन चालकों को भी खासी परेशानी हो रही है।